Ranchi : अक्सर हर रात डिस्टलरी पुल के पास बने सरकारी पार्क में चोर उच्चकों और बदमाशों का जुटान होता था। यहीं प्लानिंग होती थी लूटमार और चोरी की वारदात को अंजाम देने की। गैंग में शामिल हर सदस्यों का अलग-अलग टास्क था। कोई रेकी करता, तो कोई चोरी। वहीं चुराये हुये सामान को खपाने का जिम्मा भी अलग था। इस बात का खुलासा तब हुआ जब सदर पुलिस ने 11 शातिर चोरों को पकड़ा। रांची पुलिस कप्तान कौशल किशोर को चोरों के जुटने के ठिकानों के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। सबसे हैरत की बात यह है कि हर रात डिस्टलरी पुल पर रात्रि गस्ती और पीसीआर खड़ी रहती है। कभी-कभी तो लालपुर और सदर दोनों थानों की गाड़ियां वहां दिखाई पड़ती है। शातिर चोरों की हिम्मत और उसके जुटान के बारे में पहले पुलिस को कोई भनक नहीं लगी थी। पुलिस कप्तान तक जब यह बातें पहुंची तो सदर के इंस्पेक्टर श्याम किशोर महतो को आगे की कार्रवाई की जिम्मेवारी दी गई। गठित स्पेशल टीम ने जाल बिछाया और फिर पुलिस को यह बड़ी कामयाबी मिली। पकड़े गये बदमाशों ने पुलिस के सामने खुलासा किया कि गैंग में शामिल लोगों की फितरत घरों में सेंधमारी कर कीमती गहने जेवरात चुरा लेने की भी थी। वहीं चोरी के जेवर कांटाटोली में एक जेवर व्यवसायी को बेचे जाते थे। इस खरीदार के बारे में भी पुलिस को सबकुछ पता चल गया है। अब उसकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तार चोरों की निशानदेही पर चोरी की तीन बाइक, तीन स्कूटी, जेवर, एलईडी और कई मोबाइल फोन बरामद की किए गए है। इस बात का खुलासा आज सदर डीएसपी प्रभात कुमार बरवार ने किया।
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