Ranchi (Rajesh/Bhawna) : 4 लाख रुपये में ही सलटा दिया गया था गब्बर को। इस वारदात को 4 पेशेवर शूटरों ने अंजाम दिया था। यह सभी पेशेवर शूटर बिहार के पटना, नालंदा और गोपालगंज से बुलाये गए थे। गब्बर की हत्या के सूत्रधार बिनोद गोप उर्फ बिनू गोप के कहने पर उसके दोस्त सुधीर ने शूटरों से सौदेबाजी की थी। कुल 4 लाख रुपये में सौदेबाजी तय हुई थी। रांची में शूटरों को चोरी दो अपाची बाइक जय सिंह ने उपलब्ध करायी थी। पहले से तय योजना के मुताबिक चारों शूटरों ने इसी साल 30 अप्रैल को शाम के 6 बजे गब्बर को गोलियों से भून दिया। घटना को अंजाम देने के बाद चारों शूटर अपाची बाइक और बैग को प्रमोद महतो के घर में रख दिया। प्रमोद का घर रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में है। इस बात का खुलासा आज रांची के पुलिस कप्तान सुरेंद्र कुमार झा ने किया। सुपारी किलर सूरज राज उर्फ सन्नी, सत्यम कुमार पाठक उर्फ सत्या, कृष्णा कुमार को दबोच लिया गया है। इस कांड में शामिल एक अन्य शूटर दिनेश कुमार की तलाश जारी है। उसके ठिकाने के बारे में सबकुछ पुलिस को पता चल गया है। गब्बर की हत्या के बाद खूब हाय तौबा मची थी। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि वर्चस्व, जमीन विवाद और प्रतिशोध का नतीजा है गब्बर का मर्डर। हत्या में इस्तेमाल दोनों बाइक और शूटरों के तीन बैग बरामद कर लिए गए हैं।
एसएसपी ने खुलासा किया कि बिनू गोप और गब्बर साहू एक-दूसरे के जानी दुश्मन थे। दुश्मनी का कारण वर्चस्व और जमीन विवाद था। दोनों में पहले भी कई बार भिड़ंत हो चुकी थी। कुछ माह पहले बिनू गोप ने अपने नाम का दबदबा बनाए रखने के लिए गब्बर पर गोलियां भी चलवाई थी। तब एयरपोर्ट पुलिस ने बिनू गोप और उसके कुछ साथियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। बिनू गोप का जाल इतना मजबूत है कि उसे ज्यादा दिनों तक जेल में नहीं रखा जा सका। जेल से बाहर आते ही बिनू गोप गब्बर को सबक सिखाने की फिराक में जुट गया। बिनू गोप के ताल्लुकात कुछ सफेदपोश और तथाकथित पुलिस अधिकारियों के साथ भी है। इस बीच बिनू गोप ने शूटरों को हायर करने की जिम्मेवारी सुधीर को सौंपी। सुधीर ने अपना काम बेखूबी किया। पहले से तय योजना के मुताबिक शूटरों को रांची बुला लिया गया। शुरू में एक होटल में इन शूटरों को ठहराया गया। वहीं एयरपोर्ट इलाके में रहने वाले प्रमोद के घर में भी ठहरे थे। यहीं से कुछ दिनों तक गब्बर की रेकी की गई। बिनू गोप को सूचना मिली कि 30 अप्रैल को गब्बर अपने भतीजा की शादी में शरीक होने वाला है। यह बात शूटरों तक पहुंचाई गई और उसी दिन गब्बर को ठोक देने की योजना तैयार कर ली गई। ठीक उसी दिन एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के हुंडरू बस्ती में गब्बर को गोलियों से भून दिया गया। सूत्रों के अनुसार घटना के दिन सूत्रधार बिनू गोप का लोकेशन बदल गया था। वारदात को अंजाम देने के बाद चारों शूटर कुछ दूर तक तो बाइक से गए उसके बाद वहां पहले से खड़ी एक लग्जरी गाड़ी से बिहार के लिए कूच कर गए। गिरफ्तार शूटरों ने हत्या के पीछे छुपे राज और कहानी पुलिस को बता दिए हैं। मिली जानकारी पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार शूटरों में पटना का सूरज राज उर्फ सन्नी और सत्यम कुमार पाठक उर्फ सत्या तथा नालंदा का कृष्णा कुमार शामिल है। एक अन्य शूटर दिनेश कुमार की तलाश जारी है। वह नालंदा का रहनेवाला है।
गब्बर की हत्या कराने में बिनू गोप ने अपने चालक निकू कुमार गुप्ता, गोलू गोप, सुधीर कुमार, राहुल गोप, विशाल सिंह एवं भोला कुमार साहू की मदद ली थी। मारा गया गब्बर हुंडरू बस्ती का ही रहने वाला था।
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