Giridih (Nishant Gupta) : मोस्ट वांटेड कुख्यात उमेश गिरी आज धरा गया। उसे गिरिडीह पुलिस ने दबोचा है। उमेश NSPM (न्यू सशस्त्र पीपुल्स मोर्चा) संगठन का सरगना है। झारखंड के तीन जिलों गिरिडीह, बोकारो और हजारीबाग में इसके नाम का टेरर है। किडनैपिंग, मर्डर, लेवी वसूलना, रंगदारी, जहां-तहां गोलीबारी करना इसकी फितरत। पुलिस को कई मामलों में इसकी तलाश थी। इस बात का खुलासा आज गिरिडीह के पुलिस कप्तान अमित रेणु ने प्रेस कांफ्रेंस में किया। पुलिस कप्तान ने बताया कि उमेश गिरी इतना बेरहम है कि उसने लेवी के पैसों की खातिर अपने ही दो साथियों को गोलियों से भून डाला था। आज से सात महीने पहले लेवी के पैसों के बटवारे को लेकर उमेश गिरी का उमेश मंडल और संजित तिवारी के साथ झगड़ा हुआ था। तब उमेश ने दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उमेश अब तक कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है। बगोदर में लेवी नहीं देने पर शमशेर आलम के निर्माणाधीन अस्पताल से उनका किडनैप कर लिया था। मुखिया के बेटे ललन मेहता के पैर में गोली मार दी थी। बैंक से पैसा निकाल कर गांव जा रहे मिनी बैंक संचालक को हथियार सटाकर लूट लिया था। संगठन का दहशत फैलाने के लिए बगोदरडीह पेट्रोल पंप पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थी। अटका में तारा पंजाब लाइन होटल में गोलीबारी को अंजाम दिया था। जरमुने मुखिया को धमकी दी। वहीं उसके घर के बाहर खड़ी गाड़ी फायरिंग की थी। सरकारी काम में लगे ठेकेदार से हथियार के बल पर लेवी मांगा था। धमकी भरा संगठन का पर्चा भी दिया था। एक हार्डवेयर दुकान पर फायरिंग की थी। ऐसे कई संगीन वारदातों में पुलिस उमेश की तलाश कर रही थी।
हमेशा चकता देकर भाग निकलता था गिरी
पुलिस कप्तान ने बताया कि उमेश गिरी इतना शातिर है कि वह हमेशा पुलिस को चकमा देकर भाग निकलता था। उसे दबोचने के लिए बगोदर-सरिया एसडीपीओ नौशाद आलम और साइबर डीएसपी संदीप सुमन की देखरेख में एक टीम का गठन किया गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए बिहार, बंगाल और महाराष्ट्र के कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही थी। इसी दौरान बीते 27 नवंबर को NSPM संगठन का शूटर अमित तिवारी उर्फ डीके धरा गया। उसके साथ राजेश महतो, पिन्टू कुमार महतो और कृष्णा कुमार सिंह भी दबोच कर जेल भेज दिया गया। उनके पास से 10 हथियार जब्त किये गये थे। हाल के दिनों की छापामारी में संगठन के 12 सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ गये। अबतक कुल 23 सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं 25 हथियार जब्त किये जा चुके हैं। पुलिस की बढ़ती दबिश के कारण उमेश इधर-उधर छुपता फिर रहा था। एसपी अमित रेणु ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि उमेश बगोदर-विष्णुगढ़-गरहर इलाका में नजर आया है। एसपी ने तुरंत टीम को एक्टिवेट किया। टीम ने छापामारी की और बगोदर इलाके के बिस्माइल जंगल से उमेश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को दिये अपने बयान में कुख्यात उमेश ने कई चौंकाने वाले खुलासे किये हैं। उसके पास से पुलिस ने दो देसी कट्टा, 8 एमएम का 9 जिंदा गोलियां और 7.65 एमएम का 4 पीस जिंदा गोलियां जब्त की है।
इनकी रही सराहनीय भुमिका
उमेश को दबोचने में एसडीपीओ नौशाद आलम, साइबर डीएसपी संदीप सुमन, सरिया सर्किल इंस्पेक्टर दिनेश कुमार सिंह, बगोदर थानेदार नितीश कुमार, एसआई उदित बेदिया, रामदुलार सिंह, एएसआई संजीत कुमार मिश्रा, उमेश कुमार सिंह, हवलदार बसंत सिंह सरदार, आरक्षी मुकेश भगत, राजीव रंजन देव, नीरज कुमार, पिताम्बर कुमार, मनीष कुमार वर्मा, राजेश गोप, योगेन्द्र सिंह, संतोष शर्मा, अजय साव, शैलेन्द्र कुमार, संजय कुमार, नेहाल अख्तर, संतोष कुमार दीपक, शिवभजन रविदास, सरयू कुमार गुप्ता, शौकत हुसैन, रंधीर कुमार, सुमन उरांव, आशुतोष कुमार रंजन, सुरेन्द्र कुमार यादव की सराहनीय भुमिका रही। सुनें क्या बोले पुलिस कप्तान अमित रेणु…
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