UP : सड़क किनारे चाट-पकौड़ी बेचने वाले ठेले हों, गली-मोहल्लों में घूमते फेरीवाले हों या छोटे फूड स्टॉल, अब इनके लिये एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। सरकार ने फूड लाइसेंस और पंजीकरण से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब कारोबारियों को हर साल लाइसेंस का नवीनीकरण कराने की झंझट से काफी हद तक मुक्ति मिल जायेगी। यह नई व्यवस्था Food Safety and Standards Authority of India यानी FSSA से जुड़े नियमों में बदलाव के बाद लागू की जा रही है। नगर निगम या स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 के तहत पंजीकृत ठेले-खोमचे और फेरीवाले अब स्वतः FSSAI में पंजीकृत माने जायेंगे। उन्हें दोबारा अलग से फूड लाइसेंस के लिये आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। इससे छोटे कारोबारियों को लंबी कागजी प्रक्रिया और अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी। नये नियम गजट में प्रकाशित हो चुके हैं। 1 अप्रैल से इन्हें पूरी तरह लागू किया जायेगा। हालांकि सभी खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता और फूड सेफ्टी के मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। नये नियमों के दायरे में कई छोटे-बड़े खाद्य कारोबारी आयेंगे, जैसे, छोटे खुदरा विक्रेता, स्ट्रीट फूड विक्रेता, अस्थायी स्टॉल संचालक, फूड ट्रक संचालक, कुटीर स्तर के खाद्य उद्योग। जरूरी दस्तावेज पूरे होने पर पंजीकरण प्रमाणपत्र तुरंत जारी किया जा सकेगा।
रिटर्न नहीं भरा तो लाइसेंस होगा निलंबित
नये नियमों में सख्ती भी रखी गई है। अगर कोई कारोबारी वार्षिक शुल्क या फूड सेफ्टी से जुड़ा रिटर्न जमा नहीं करता है, तो उसका लाइसेंस स्वतः निलंबित माना जायेगा। खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण अब जोखिम आधारित प्रणाली से किया जायेगा। जरूरत पड़ने पर थर्ड पार्टी से फूड सेफ्टी ऑडिट भी कराया जा सकेगा। व्यापारी संगठन Confederation of All India Traders के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र गोयल ने मीडिया को बताया कि पहले 12 लाख रुपये सालाना टर्नओवर तक के कारोबारियों को ही पंजीकरण मिलता था। अब इसे बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसी तरह पहले 5 करोड़ रुपये तक के कारोबारियों को राज्य स्तर से लाइसेंस मिलता था। अब यह सीमा बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये कर दी गई है। जिन कारोबारियों के लाइसेंस या पंजीकरण की वैधता 31 मार्च तक है, उन्हें फिलहाल नवीनीकरण कराना होगा। इसके बाद नये नियम पूरी तरह प्रभावी हो जायेंगे। यूपी सरकार के इस फैसले से देश भर के लाखों छोटे फूड कारोबारियों—खासकर ठेले-खोमचे और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं—को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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