UP : माफिया से नेता बने अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद और उसके दोस्त सोनू की झांसी-कानपुर हाईवे पर हुये दर्दनाक सड़क हादसे में मौत ने अतीक अहमद के परिवार के जख्म फिर हरे कर दिये। यह सड़क हादसा पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास हुआ। बताया जा रहा है कि अचानक एक जानवर सड़क पर आ गया। उसे बचाने की कोशिश में तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। आबान अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने झांसी जेल जा रहा था। लेकिन जेल तक पहुंचने से पहले ही जिंदगी ने उसका साथ छोड़ दिया।
तीन जिंदगी अस्पताल में, दो की सांसें थम गईं
हादसे में आबान और उसके दोस्त सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। कार में सवार मोहम्मद जैद, उमर समेत तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुये हैं। सभी घायलों को इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य चलाया गया, दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हटाकर हाईवे पर यातायात बहाल कराया गया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
झांसी, जहां पहले असद का एनकाउंटर हुआ
अतीक अहमद के परिवार के लिये झांसी का नाम एक बार फिर दर्द की वजह बन गया है। यही वह जिला है, जहां 13 अप्रैल 2023 को पारीछा डैम के पास यूपी STF ने उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी और अतीक के तीसरे बेटे असद अहमद को उसके साथी मोहम्मद गुलाम को मुठभेड़ में मार गिराया था। दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का ईनाम घोषित था। अब तीन साल बाद झांसी ने अतीक परिवार से एक और बेटा छीन लिया। खबर है कि आबान प्रयागराज से झांसी अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था। अली को सुरक्षा कारणों से एक अक्टूबर 2025 को नैनी जेल से झांसी जेल स्थानांतरित किया गया था। आबान प्रयागराज के सेंट जोसेफ कॉलेज का छात्र था। परिवार में सबसे छोटा होने के कारण उसे खास माना जाता था।
पांच बेटों में दो की हो चुकी है मौत
अतीक अहमद के पांच बेटे थे। सबसे बड़ा बेटा उमर अहमद जेल में है। दूसरे नंबर पर अली अहमद, जो फिलहाल झांसी जेल में बंद है। तीसरे नंबर के बेटे असद की 2023 में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। चौथे नंबर पर अहजम अहमद है, जबकि सबसे छोटे बेटे आबान की अब सड़क हादसे में जान चली गई। एक बेटे की मौत पुलिस मुठभेड़ में हुई, तो दूसरे की जिंदगी सड़क हादसे ने छीन ली। आबान अहमद का नाम पिछले साल एक आपराधिक मामले में भी सामने आया था। 28 नवंबर 2025 को धूमनगंज थाने में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 के तहत FIR दर्ज की गई थी। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल एक रील में कथित तौर पर भड़काऊ और धमकी भरे संवाद इस्तेमाल किये गये थे। इसी आधार पर आबान, उसके साथी हमजा और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आबान और उसके भाई अहजम अपनी बुआ की देखरेख में प्रयागराज में रह रहे थे।















