KohramLive : घनघोर घटा छाई थी, जोरदार बारिश हो रही थी। अंधेरी रात, चारों तरफ सन्नाटा ही सन्नाटा। सिर्फ शोर मचा रही थी तो क्षिप्रा नदी में उफनती लहरें। अचानक ऊपर ब्रिज से नीचे नदी में कूद गया कैलाश। खुदा का शुक्र रहा कि वह एक पत्थर के पास जाकर अटक गया और नदी में बहने से बच गया। जब मौत को करीब से देखा तो चीख निकल आई। जोर-जोर से चिल्लाने लगा, बचा लो, बचा लो…। करीब एक घंटे तक चीखता चिल्लाता रहा। यह गुंज नदी किनारे रहनेवाले निक्की प्रजापति के कानों तक गई। वह अपने दोस्त भोला के साथ नदी तट तक आयें। देखा, नदी के बीचों बीच एक पत्थर पर खड़े शख्स की जुबां से जान बचा लेने की चीख निकल रही थी।
जाबांज निक्की और भोला आधी रात बिना अपनी जान की परवाह किये नदी में कूद गये और कैलाश पाटोले को नदी से निकाल सही सलामत बाहर ले आये। चारों तरफ शोर मच गया। नदी तट पर भीड़ जुट गई। पुलिस भी पहुंच गई। हर किसी ने कैलाश से यही पूछा… क्यों दे रहे थे अपनी जान। उसका वीडियो भी बनाने लगे। तब कैलाश ने कहा कि सासू मां से खटपट हो गया था। गुस्सा में ब्रिज के ऊपर से नीचे नदी में कूद गया, पर बच गया। फरिश्ता बच कर दो भैया आये और उसे मौत के जबड़े से खींच निकाला। वह बार-बार वीडियो नहीं बनाने का भी अनुरोध कर रहा था। दिल दहला देने वाला यह वाक्या मध्य प्रदेश के देवास से सामने आया है। वीडियो खूब वायरल हो रहा है। सुनें क्या बोले कैलाश की जान बचाने वाले जाबांज…
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