Deoghar : श्रावणी मेले में बाबा नगरी यानी देवघर गये ATS के कमांडो रंजीत पासवान की गोली लगने से मौत हो गई। वह देवघर के आर मित्रा स्कूल में ठहरे हुए थे। कमांडो रंजीत की डेड बॉडी के पास उनकी सर्विस पिस्टल पड़ी हुई मिली। आज शाम हुई इस वारदात ने पुलिस महकमे को हिला कर रख दिया। एक दिन पहले लोहरदगा में सरकारी वकील के बॉडिगार्ड आशुतोष कुमार की मौत का कारण भी गोली बनी। उनका सर्विस रिवाल्वर भी डेड बॉडी के पास मिला था। आशुतोष मूल रूप से आरा के रहने वाले थे। वहीं देवघर में मृतक कमांडो मूल रूप से पलामू के रहने वाले थे। लगातार दो दिनों के भीतर दो जवानों को खो देने के बाद से पुलिस की चिंता बढ़ गई है। दोनों ही केस सुसाइड है या कुछ और, इस बिंदू पर गहराई से तफतीश की जा रही है। हालांकि, शुरूआती जांच में दोनों ही केस को सुसाइड माना जा रहा है। पुलिस हर बिंदू पर गहराई से तहकीकात कर रही है।
देवघर में हुई घटना को लेकर जो खबरें सामने आई हैं, उनके अनुसार ATS के कमांडो रंजीत प्रसाद की ड्यूटी श्रावणी मेले में देवघर में लगी थी। वह रांची से देवघर गया था। वह देवघर के आर मित्रा स्कूल में ठहरा हुआ था। वहां से कुछ दिनों के बाद लौटने वाला था। अचानक उसके रूम से आई गोली की आवाज पर कई जवान मौके पर पहुंच गये। नजारा देख हर कोई दंग रह गये। घटना की खबर पाकर मौके पर कई छोटे-बड़े पुलिस अधिकारी पहुंचे। पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया गया। मृतक कमांडो के घरवालों को सूचना दे दी गई है। रंजीत की डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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