कोहराम लाइव डेस्क: परिवहन मंत्रालय की ओर से अगले साल जनवरी से ही सभी वाहनों के लिए फास्टैग का प्रयोग अनिवार्य कर दिया गया है। इतना ही नहीं, पहली अप्रैल से सिर्फ उन वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट और थर्ड पार्टी बीमा सुविधाएं देने का काम किया जाएगा, जिनमें फास्टैग लगा होगा। इसी बीच भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने यह जानकारी दी है कि फास्टैग के माध्यम से टोल संग्रह की राशि रोजाना 80 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है। पूरे देश में अब तक 2.20 करोड़ फास्टैग जारी किए गए हैं।
रिकॉर्ड 50 लाख का किया गया लेनदेन
एनएचएआइ की ओर से कहा गया है कि फास्टैग के माध्यम से टोल संग्रह का आंकड़ा पहली बार इस सप्ताह गुरुवार को 80 करोड़ रुपये सं अधिक रहा। इस दिन के आंकडों पर नजर डालें तो फास्टैग के माध्यम से रिकॉर्ड 50 लाख लेनदेन किया गया है।
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वाहनों के गुजरने में लग रहा कम टाइम
परिवहन मंत्रालय ने अगले साल जनवरी से सभी वाहनों के लिए फास्टैग से लैस होना अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में इनकी सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एनएचएआइ ने कई कदम उठाने का काम किया है। प्राधिकरण की मानें तो फास्टैग अपनाने के बाद टोल प्लाजा से वाहनों के गुजरने में लगने वाले समय में कमी आई है। यही नहीं, ईधन की भी बचत नजर आ रही है।
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30,000 से अधिक स्थानों पर फास्टैग उपलब्ध
एनएचएआइ ने जानकारी दी है कि वर्तमान में फास्टैग 30,000 से ज्यादा स्थानों पर लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी टोल प्लाजा पर इसकी उपलब्धता अनिवार्य कर दी गई है। लोग यहां से इसे आसानी से खरीद सकते हैं। यह अमेजन, फ्लिपकार्ट और स्नैपडील जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसे आसानी से रिचार्ज करने के लिए 27 बैंकों से करार करने का काम भी किया गया है।
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