कोहराम लाइव डेस्क : देश में महंगे पेट्रोल-डीजल खरीद रहे लोगों को अब थोड़ी राहत मिल सकती है। इसके पीछे तर्क यह है कि सरकार ने एथनॉल को Standalone Fuel के रूप में प्रयोग की स्वीकृति दे दी है। अब तेल कंपनियों को सीधे E-100 बेचने की अनुमति मिल गई है। सूत्रों की मानें तो पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। महत्वपूर्ण यह है कि इस ईंधन का इस्तेमाल उन्हीं गाड़ियों में होगा, जो E100 कम्पेटिबल होंगी। इसके लिए मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीजल ऑर्डर 2005 में संशोधन किया गया है।
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शुगर और एथनॉल कंपनियों को फायदा
सरकार के इस निर्णय से शुगर कंपनियों और एथनॉल कंपनियों को बहुत फायदा होगा। वे सरप्लस स्टॉक के साथ एथनॉल के प्रोडक्शन में वृद्धि से फायदा उठा सकती हैं। हकीकत यह है कि सरकार को ऐसा करने के लिए बहुत सारे इंफ्रास्ट्रक्चर, चीनी और अनाज आधारित डिस्टीलरीज का निर्माण करना होगा।
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कैसे बनाया जाता है एथनॉल
एथनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जिसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। एथनॉल का उत्पादन यूं तो मुख्य रूप से गन्ने की फसल से होता है, लेकिन शर्करा वाली कई दूसरी फसलों से भी इसे तैयार किया जा सकता है। इससे खेती और पर्यावरण दोनों को फायदा होता है। भारत के लिहाज से देखें तो एथनॉल ऊर्जा का अक्षय स्रोत है, क्योंकि देश में गन्ने की फसल की कभी कमी नहीं हो सकती।










