कोहराम लाइव डेस्क : अब विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटल इंडिया ने ईज ऑफ डुइंग वर्क का कमाल दिखाने लगा है। जिस काम को करने में लंबा समय, लंबी प्रक्रिया और तमाम दस्तावेजों की जरूरत होती थी, उसकी अब आवश्यकता नहीं है। विदेश जाने के लिए पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया को ही ले लें। इसमें टाइम टेकिंग के साथ कई ऑरिजिनल सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती थी। अब इसकी प्रक्रिया को विदेश मंत्रालय ने डिजी लॉकर प्लेटफॉर्म सर्विस से आसान कर दिया है। अब आवेदकों को मूल कागजात पासपोर्ट ऑफिस ले जाने की जरूरत नहीं होगी।
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पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम के लिए नया प्रोसेस शुरू
विदेश मंत्रालय की ओर से पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम के लिए डिजी लॉकर प्लेटफॉर्म का आगाज कर दिया गया है। इस सुविधा से पासपोर्ट बनवाने वालों को आवेदन के समय सारे मूल कागजात दिखाने की जरूरत नहीं होगी। डिजी लॉकर प्रोग्राम के माध्म से ही पूरी प्रक्रिया को और सरल बनाया गया है।
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नागरिक सुविधाओं के लिए कई बदलाव
नागरिकों की सुविधा के लिए विदेश मंत्रालय ने कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं। एक तरफ पासपोर्ट नियमों को सरल किया गया है, तो दूसरी तरफ उनके घर के पास भी पासपोर्ट बनवाने की व्यवस्था भी की गई है। प्रधान डाकघरों में पासपोर्ट सेवा केंद्र शुरू कर दिये गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक 426 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) चालू हो चुके हैं और जल्द ही कई और आने वाले हैं।
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