kohramlive desk : स्वामी रामदेव के अनुसार योग, प्राणायाम के साथ-साथ इस आयुर्वेदिक काढ़ा का सेवन करने से मात्र 3 दिन में ही टाइफाइड सही हो जाता है और 7 दिन में आपकी बॉडी पूरी तरीके से रिकवर हो जाती है। जानिए इस आयुर्वेदिक काढ़ा को बनाने की विधि।
गर्मी की शुरूआत के साथ ही कई बीमारियां तेजी से फैलने लगती हैं। इन महीनों में टाइफाइड के मरीजों की भी संख्या भी काफी बढ़ रही है। वहीं दूसरी ओर कोरोना के भी टाइफाइड की तरह की लक्षण है। जहां कोरोना 10-12 दिन में सही हो जाता है वहीं टाइफाइड 20 दिन से ज्यादा वक्त ले रहा है। टाइफाइड बुखार को मियादी बुखार के नाम से भी जाना जाता है।
टाइफाइड एक प्रकार का ऐसा गंभीर बुखार है, जो हमारे पाचन तंत्र और खून के प्रवाह में साल्मोनेला टाइफी नाम बैक्टीरिया के प्रवेश से पैदा होता है। दूषित पानी और खाने के माध्यम से यह हमारे शरीर में चला जाता है। इस बीमारी से संक्रमित व्यक्ति का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच जाता है।
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तीन दिन सेवन करने से मिलेगा फायदा
योगी गुरु और आयुर्वेदाचार्य स्वामी रामदेव की मानें तो योग, प्राणायाम के साथ-साथ मुनक्का और अंजीर से बना आयुर्वेदिक काढ़ा इस बुखार का इलाज करने में कारगर है। इसका सेवन करने से 3 दिन में टाइफाइड सही हो सकता है और 7 दिन में आपकी बॉडी रिकवर हो सकती है।
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ये हैं टाइफाइड के लक्षण
बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द,उल्टी, भूख ना लगना, बदन दर्द, बैचेनी होना।
काढ़ा बनाने के लिए सामग्री
- खूबकाला 2-3 ग्राम, 8 मुनक्का
- और 3-4 अंजीर
काढ़ा बनाने की विधि
बाबा रामदेव के मुताबिक, टाइफाइड की समस्या से निजात पाने के लिए यह काढ़ा सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा है। काढ़ा बनाने के लिए 400 ग्राम पानी में इन सभी सामग्री को डालकर धीमी आंच में पकाएं। जब पानी 100 ग्राम बचें तो इसे ठीक तरह से मैश करके पानी छान लें। इसके बाद इसका सेवन दिन में दो बार करे।
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