कोहराम लाइव डेस्क : बच्चे हो यां बड़े, अपने में जीवन कुछ ऐसी आदतों के शिकार होते हैं, जिन्हें त्यागना बहुत कठिन होता है। बच्चे यदि बराबर नाखून चबाते हैं, तो उन्हें मना करना चाहिए। बड़ों को भी समझना चाहिए कि अनावश्यक रूप से बार-बार नाखून चबाना किसी मानसिक बीमारी का भी लक्षण हो सकता है। अत: इससे बचने का प्रयास करना चाहिए।
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नवर्स होने पर नाखून चबाने की आदत
ऐसा देखा गया है कि दुनियाभर के करीब आधे से ज्यादा बच्चे और किशोरों को नाखून चबाने की आदत होती है। बहुत से लोग नर्वस होने की स्थिति में या फिर टेंशन होने पर नाखून चबाने लगाते हैं। हालांकि नाखून चबाने की आदत अस्थायी होती है और इससे आम तौर पर किसी तरह का नुकसान नहीं होता, लेकिन कुछ मामलों में नाखून चबाना, किसी गंभीर मानसिक बीमारी संकेत भी हो सकता है।
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नहीं है कोई निश्चित मनोवैज्ञानिक कारण
नाखून चबाने की आदत को मेडिकल टर्म में ऑनिकोफेजिया (Onychophagia) कहते हैं। यह एक पैथोलॉजिकल मौखिक आदत है, जिसकी वजह से अंगुली के नाखूनों के साथ ही आस पास के टीशूज को भी नुकसान हो सकता है। नाखून चबाने की कोई निश्चित वजह नहीं है लेकिन आम तौर पर यह आदत बचपन में शुरू होती है। किसी व्यक्ति में ये आदत क्यों या कैसे लग जाती है, इसका भी कोई स्पष्ट कारण नहीं, लेकिन एक बार शुरू होने के बाद, इसे रोकना मुश्किल होता है।
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नाखून चबाने से सेहत संबंधी नुकसान
1-नाखून और उसके आस पास की स्किन में होगा सूजन या घाव।
2- आकार हो जाता है असामान्य
3- नाखून और आस-पास की स्किन में हो सकता है फंगल इंफेक्शन।
4- नाखून में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस पेट में जाने से बीमारी का खतरा।
5- नाखून चबाने से दांतों की सेहत पर भी पड़ता है प्रभाव








