Ranchi : शासन प्रशासन से जुड़े लोगों को आगाह किया गया है कि समय रहते वे चेत जाये, अन्यथा राज्य में विद्रोह हो सकता। राज्य में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। चाहे राजनेता हो या IAS व IPS की संलिप्तता से राज्य बदनाम हुआ है। यह दुखद और चिंतनीय है। इस मसले पर आज आदिवासी मूलवासी संयुक्त मोर्चा के कोर कमेटी की हुई एक बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया। राजधानी के कचहरी रोड में होटल गंगा आश्रम में डॉ. करमा उरांव की अध्यक्षता हुई बैठक में कहा गया कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं विवि एवं स्वायत संस्थानों में अनुबंध पर हजारों अवैध नियुकि्तियां हुई है, जिसमें वैधानिक प्रक्रिया, स्थानीयों को प्राथमिकता एवं आरक्षित वर्गों के संवैधानिक हकों की खुल्लम खुल्ला अवहेलना की गई है। इन मसलों को लेकर मोर्चा बहुत जल्द गर्वनर, सीएम एवं वीसी से मिल नियुकि्त की समीक्षा करने का आग्रह करेगा।
वहीं राज्य विभिन्न संवर्गीय पदों तथा शिक्षकों का लगभग पांच लाख रिक्त्तियां है, इन पदों पर अविलंब नियुकि्त प्रक्रिया शुरू की जाये। वहीं जो बाधा है, उसे दूर किया जाये। झारखंड के पूर्व राज्यपाल द्रौपदी देवी के राष्ट्रपति बनने पर खुशी का इजहार किया गया। कोर कमेटि की बैठक में आगामी 21 अगस्त को स्मारिका निकालने का फैसला किया गया है। इस रोज आदिवासी मूलवासी संयुक्त मोर्चा वर्षगांठ दिवस भी है। स्मारिका प्रकाशन के लिये एक उप समिति का गठन किया गया, जिसमें सुनील सिंह, अंतु तिर्की. नौशाद खान, बहुरा उरांव एवं धनीनाथ राम साहू को रखा गया है। अंतु तिर्की की संचालन में हुई बैठक में आजम अहमद, सुनील सिंह, एस अली, बहूरा उरांव, नौशाद खान, धनीनाथ राम साहू, शिव शंकर महतो, शिव प्रसाद साहू, दिनेश उरांव, फैयाज शाह, अजय कुमार मंडल, असरार आलम, हफीजुल रहमान, आफताब आलम एवं इसराइल खालिद सहित कई अन्य मौजूद थे।
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