Palamu (Santosh Srivastav) : गांव-देहात की भोली-भाली शिलबती देवी, बेरेनीला कुजूर, जीरवा देवी, शांति देवी, तारा कुजूर, प्रमिला देवी एवं कल्याणी देवी के घर जब तकादा करने फाइनेंस कंपनी के लोग पहुंचे तो इन सब का माथा ठनक गया। हर किसी ने यही कहा कि उन्होंने तो कोई लोन नहीं लिया तो यह गोलमाल कैसे। खुलासा हुआ कि यह सारा गड़बड़-घोटाला उसके गांव में ही रहनेवाली कुलवंती देवी ने किया है। इल्जाम है कि कुलवंती देवी अनपढ़ भोली-भाली महिलाओं को राशन कार्ड, वृद्धा पेंशन कार्ड बनवा देने के नाम पर उनसे अंगुठा लगवा लेती थी। इसी अंगुठा के सहारे कई फाइनेंस कंपनी से महिलाओं के नाम लोन निकाल खुद डकार गई।
कुलवंती को जब गांव के लोगों ने बुरा-भला कहना शुरू किया तो उसने सबसे यही कहा कि वो सबका लोन चुकता कर देगी। इल्जाम है कि अब वो गांव में नहीं दिखती है। कुलवंती देवी यह काम गांव के ही राशन दुकानदार लीलावती देवी के यहां बैठ कर करती थी। लीलावती के पति का नाम निर्मल साहू है। राशन कार्ड, आधार कार्ड और गलत कार्ड को सुधारवा देने के नाम पर सादे कागज पर अंगूठे के निशान ले लेती थी। शिलबती देवी पर एक लाख, बेरेनीला कुजूर पर 27 हजार, जीरवा देवी पर 80 हजार, शांति देवी पर 40 हजार, तारा कुजूर पर 80 हजार, प्रमिला देवी पर 93 हजार, कल्याणी देवी के नाम 80 हजार रुपये का लोन है। अब ये सारी महिलायें रो रही हैं। यह गड़बड़-घोटाला पलामू के चैनपुर प्रखंड के आदिवासी बहुल इलाका खुराक खुर्द गांव में हुई है। इन महिलाओं की तरह कई और फंस गई। इन महिलाओं को फूटी कौड़ी नहीं मिली, पर उनके नाम पर लोन निकल गया।
इल्जाम है कि इस गांव में कई फाइनेंस कंपनी के एजेंट और उनके आदमी लोगों को अपने जाल में फांसने में दिन-रात जुटे हुए हैं। वहीं भारत फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर किशोर कुमार सिन्हा का कहना है कि कुलवंती देवी के घर में ही मीटिंग होती थी। ग्रामीणों ने यहीं आकर लोन लिया है। वो लोन रिकवर करेंगे जरूर। भाकपा माले नेता रवींद्र ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि वो इस मामले में पहल कर कोई रास्ता निकाले, ताकि ठगी के शिकार हुए लोगों को इंसाफ मिल सके।
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