Chakradharpur : “हमें पैसा या नौकरी नहीं चाहिये, बस जो भी अपराधी कमलदेव गिरी मर्डर केस में पकड़े गये हैं, उसकी नार्को और पॉलीग्राफी टेस्ट करा कर पूरी सच्चाई आम जनता के सामने लाया जायेगा। चक्रधरपुर की जनता अच्छी तरह से जानती है कि यह हत्या आपसी रंजिश का परिणाम नहीं है। एक साजिश के तहत उनकी हत्या की गई। जिसमें कई सफेदपोश लोग शामिल हैं। पुलिस इन्हें बचाने का काम कर रही है।” यह इल्जाम है मारे गये कमलदेव गिरी के बड़े भाई उमाशंकर गिरी, फूलनदेव गिरी एवं बहन पूजा गिरी के। आज एक प्रेस कांफ्रेंस में भाई-बहन ने कहा कि करीब 2 साल पहले भी उनके भाई को जान से मार देने की धमकी दी गई थी। वहीं हत्या से 15 दिन पहले भी चेताया और डराया गया था। इस बात की लिखित शिकायत पुलिस को दी गई थी, पर पुलिस खामोश रही। नतीजा, सरेराह उनके भाई कमलदेव गिरी को बम से उड़ा दिया गया।
श्याम नारायण शौण्डिक धर्मशाला परिसर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बहन और भाईयों ने साझा तौर पर कहा कि जब तक पूरे मामले की सीबीआई जांच का आदेश नहीं हो जाता, तब उनका परिवार खामोश नहीं रहेगा। जरूरत पड़ी तो कोर्ट तक की शरण में जायेंगे। चक्रधरपुर की जनता इंसाफ की चाह में जगह-जगह हस्ताक्षर अभियान भी चला रही है। जोर देकर इल्जाम लगाया गया कि पुलिस सफेदपोश को बचाने में जुटी है। इस वजह से पूरी जांच CBI को सौंपी जाये। परिवार के लोगों का इल्जाम था कि जो अपराधी इस मर्डर केस में पकड़े गये, उसके चेहरे को जनता के सामने नहीं लाया गया। वहीं पूर्व MLA गुरुचरण नायक के हमला के संदेही गुनहगार का चेहरा खुलेआम दिखा रही है। परिवार के लोगों ने शनिवार से आमरण अनशन पर बैठने की बात कही है।
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