Ranchi : अंधकार और दरिद्रता को दूर करने का पर्व दिवाली बिल्कुल नजदीक है। धनतेरस को लेकर राजधानी रांची में बाजार सजने लगे हैं। बाजार में झाडू से लेकर जेवर-गाड़ियां तक की खरीदारी की प्लानिंग शुरू हो गई है। बर्त्तन बाजार भी सजधज कर तैयार है। इस साल धनतेरस 10 नवम्बर को है। इस रोज दिन शुक्रवार होने की वजह से प्रदोष काल भी रहेगा, वहीं त्रयोदशी तिथि दिन के 12 बजकर 36 मिनट से शुरू होकर दूसरे दिन यानी शनिवार के 1 बजकर 58 मिनट तक रहेगी। मान्यता है कि प्रदोष काल में धनतेरस की पूजा करने से मां लक्ष्मी खुश होती हैं। शुक्रवार की शाम 5 बजकर 46 मिनट से रात 8 बजकर 25 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा। धनतेरस पूजा में मां लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान कुबेर और गणेश, धन्वंतरि की पूजा की जाती है।
पंडितों के हवाले से मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, इस साल 10 नवम्बर यानी धनतेरस की खरीदारी सुबह 8 बजे से दिन के 1 बजे तक को शुभ मुहूर्त माना गया है, वहीं उसी रोज दिन के तीन बजे से शाम सात बजे तक का खरीदारी का मुहूर्त है। ऐसी मान्यता है कि सोना या पीतल की वस्तु और झाड़ू खरीदने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, वहीं परिवार में सुख शांति सालों भर बनी रहती है।
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