रांची : बहुचर्चित ओरमांझी हत्याकांड का खुलासा करने को लेकर डीजीपी एमवी राव ने रांची एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा समेत कई पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया है। एसएसपी सुरेंद्र झा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने काफी संयम का परिचय देते हुए बारीकी से पूरे मामले की जांच की और मुख्य आरोपी को धर दबोचा।
ओरमांझी में सूफिया परवीन की सिर कटी लाश मिलने के बाद हड़कंप मच गया था। 3 जनवरी को लाश मिली थी और 12 जनवरी को पुलिस ने मुख्य आरोपी शेख बिलाल की पहली पत्नी साबो की निशानदेही पर खेत से सिर को बरामद कर लिया था। 9 दिन तक पुलिस टीम मामले के उद्भेदन में दिन रात जुटी रही। इस दौरान खूब राजनीति भी हुई। यहां तक की झारखंड पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कुछ लोगों ने सीबीआई जांच तक की मांग कर दी थी। मगर इस दौरान एसएसपी सुरेंद्र झा और उनकी टीम ने संयम नहीं खोया। हर पहलू की बारीकी से जांच की। और बस एक क्लू मिलते ही सिर बरामद करने के साथ-साथ मुख्य आरोपी को भी धर दबोचा।


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यहां याद दिला दें कि डीजीपी एमवी राव ने 15 जनवरी को झारखंड पुलिस मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा था कि ओरमांझी हत्याकांड का खुलासा करने में शामिल पुलिस अधिकारी और पदाधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला
ओरमांझी थाना क्षेत्र के जीराबार जंगल से बीते तीन जनवरी को सूफिया परवीन नाम की युवती की सिर कटी लाश मिली थी। 12 जनवरी को युवती का सिर चंदवे का रहने वाला आरोपी शेख बिलाल उर्फ छोटू के खेत से बरामद हुआ था। आरोपी की पत्नी की निशानदेही पर पुलिस को सफलता हाथ लगी थी। हत्याकांड का मुख्य आरोपी शेख बिलाल और उसकी पत्नी को रांची पुलिस ने 14 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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