Ranchi : रांची की मिट्टी में एक नई सुबह दस्तक दे रही है। झारखंड की मंईयां, जो अब तक परिवार की धुरी बनकर हर मुश्किल को सहती आई हैं, अब अपने पैरों पर खड़ी होने को तैयार हैं। सरकार की “मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना” ने उनके हाथों में सम्मान राशि देकर आत्मनिर्भरता की रोशनी थमा दी है। कल यानी 30 मार्च, उन गांवों के नाम होगा, जहां सखी मंडल, ग्राम संगठन और सीएलएफ की बैठकें यह तय करेंगी कि कैसे यह सम्मान राशि महज 30 हजार नहीं, बल्कि एक सुनहरा अवसर बने। रांची के DC मंजूनाथ भजन्त्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की यह पहल हर गांव-हर घर तक पहुंचेगी। सरकार चाहती है कि यह धनराशि सिर्फ खर्च न हो, बल्कि नई उम्मीदों का बीज बने। जिला पशुपालन और गव्य विकास विभाग इस योजना को एक ठोस रूप देने में जुटा है। पोल्ट्री फार्मिंग, अंडा उत्पादन और डेयरी उद्योग के जरिये महिलाएं अपने घर-परिवार के पोषण और आर्थिक मजबूती, दोनों को साध सकेंगी। DC ने इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि लाभुक महिलाओं को साइबर अपराधियों से सतर्क रहना होगा। कोई भी अपने बैंक डिटेल्स या जरूरी कागजात किसी अजनबी से साझा न करे। इसी को लेकर सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को लाभुक सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि कोई भी हकदार महिला इस योजना से वंचित न रहे।
(अगर किसी को योजना से संबंधित कोई जानकारी चाहिए या कोई समस्या हो, तो ‘अबुआ साथी’ हेल्पलाइन 9430328080 पर संपर्क करें।)







