Ranchi(Bhavna Thakur) : ”क्या बतायें, मैं ऐसा बाप हूं कि बीते कल अपने दोनों इसी हाथों से अपनी प्यारी बिटिया को जला कर आया हूं। उसका अंतिम संस्कार करके आया हूं। मेरी बेटी को सोये हालत में उसके जालिम पति रजनीश कुमार ठाकुर ने मूशल (मसाला कूटने वाला लोहे का औजार) से दनादन कई वार कर बेहरमी से मार डाला। वहीं, रजनीश की मां शीला देवी और पिता ब्रजकिशोर ठाकुर मेरी बेटी का दोनों हाथ-पैर पकड़े रहे। चाकू से भी उसे गोदा गया। एक प्लानिंग के तहत बेटी को मार डाला गया। जिस तौर-तरीके और अंदाज से मेरी बेटी को भयानक मौत दी गई, ऐसी मौत भगवान किसी और बेटी-बहू और बहन को न दें। बड़े अरमान से बेटी की शादी साल 2011 में की थी, जितना दहेज मांगा, उससे कहीं ज्यादा दिया, पर उन जालिमों का पेट नहीं भरा। दहेज की खातिर मेरी बेटी तुलसी ठाकुर को सताना, रूलाना और टार्चर करते रहा। बिटिया सबकुछ सहती रही। जिस परवरिश और संस्कार में मेरी बेटी पली-बढ़ी, सबकुछ सहती रही। मना करने पर भी वह अपने ससुराल चली गई। कई बार उसके पति और ससुराल वाले को समझाया-बुझाया और गिड़गिड़ाया, पर उनका दिल नहीं पसीजा। कहते हैं, नेपाल-भारत में बेटी-रोटी का रिश्ता है, उसका खून हो गया। ऐसे में कौन अपनी बेटी को वहां घर बसाने के बारे में सोचेगा। भारत सरकार ऐसे जालिमों को कठोर से कठोर सजा दें।” ये कहना है एक दुखी बाप पवन कुमार ठाकुर का। नेपाल के धनुषा जिले के जनकपुर धाम में रहनेवाले पवन कुमार ठाकुर ने कहा कि उसकी बेटी का ससुराल दरभंगा के नेहरा गांव में है। दिल को झकझोर देने वाली बात यह है कि बेटी तुलसी को उसकी मासूम बेटी और बेटों का सामने मौत के घाट उतार दिया गया। उनकी नतनी को उसके बड़े पापा और परिवार के अन्य लोगों ने डराते हुये कहा कि इस बारे में किसी से कुछ कहा तो तेरा भी यहीं हाल कर दूंगा। खबरदार, किसी को कुछ मत बताना। नतिनी घंटों खामोश रही, वह इतना डर गई थी मानो, उसे काठ मार गया हो। सुनें क्या बोले एक दुखी पिता पवन कुमार ठाकुर..






