Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा की गर्म दोपहरी थी। दर्द से टूटी एक मां, न तो अपने अजन्मे बच्चे को बचा पाई और न ही अपने जिस्म की बेबसी को, वह विकलांग बलात्कार पीड़िता न्याय की उम्मीद लिए अदालत पहुंची।लेकिन उसके पैरों ने जवाब दे दिया था। वो चल नहीं सकती थी, मगर उसका हौसला ज़िंदा था और तब… इंसानियत ने कदम बढ़ाया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) ने इस पीड़िता को व्हीलचेयर उपलब्ध कराई, ताकि वह अपने गुनहगारों के खिलाफ गवाही दे सके। डालसा चेयरपर्सन दिनेश कुमार के निर्देश पर, सचिव निभा रंजन लकड़ा ने तुरंत यह व्यवस्था करवाई एक ऐसा छोटा-सा कदम, जिसने न्याय की राह पर एक बड़ी जीत लिख दी।












