Ranchi : झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड और उसकी अनुषंगी कंपनियों में आंतरिक नियुक्तियों में घोर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार है। यह इल्जाम झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय का है। उन्होंने कहा कि निगम ने पारदर्शिता को ताक पर रखकर अयोग्य अभ्यर्थियों को परीक्षा सूची में शामिल कर लिया। MANAGER (F&A) पद पर 11 अयोग्य अभ्यर्थियों को स्थान दिया गया। जूनियर मैनेजर पद पर 4 अयोग्य अभ्यर्थियों को परीक्षा हेतु चयनित किया गया। विज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि दूरस्थ शिक्षा, पार्ट टाइम और AMIE डिग्री धारक पात्र नहीं होंगे, लेकिन बावजूद इसके इन्हें शामिल कर लिया गया। अजय राय ने कहा कि “हम बहाली का विरोध नहीं करते, लेकिन भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और अनियमितताओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
संघ ने सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत विवरण मांगा, लेकिन 6 माह बीतने के बाद भी विभाग ने कोई जवाब नहीं दिया। संघ का कहना है कि यह विभाग की भ्रष्ट मानसिकता और अपारदर्शी कार्यशैली को उजागर करता है। संघ ने साफ कहा है कि 9 अक्टूबर 2025 को होने वाली परीक्षा में यदि कोई भी अनियमितता सामने आई, तो वह सीधे न्यायालय का दरवाजा खटखटायेगा। संघ ने CM हेमंत सोरेन और ऊर्जा विभाग के मंत्री से मांग की है कि इस घोटाले पर तुरंत संज्ञान लिया जाये और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये।








