- झारखंड में 18 साल से अधिक आयु के लोगों के फ्री वैक्सीनेशन की तैयारी पूरी
- सीएम हेमंत सोरेन ने सभी जिलों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से किया ऑनलाइन विमर्श
JHARKHND : झारखंड में 18 साल से अधिक आयु के लोगों के फ्री टीकाकरण की तैयारी पूरी कर ली गई है। कोरोना के बढ़ते मामलों और टीकाकरण के संदर्भ में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार सभी जिलों के उप विकास आय़ुक्त, डीपीआरओ, डीपीएम और जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के कार्यकारी परिषद के प्रधानों के साथ ऑनलाइन विचार विमर्श किया।
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नहीं होगी दवाओं की किल्लत
सीएम ने कहा- 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के नि:शुल्क टीकाकरण करने की सरकार ने कर ली है पूरी तैयारी। जैसे ही टीका उपलब्ध करा दिया जाएगा, टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा। दवाइयों की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। कोविड-19 से लोगों को बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। खासकर इस महामारी से परिवार और समुदाय को कैसे सुरक्षित रखें, इसे लेकर सरकार तमाम संभव कदम उठा रही है।
बाहर से आए कामगारों की सीएम ने ली जानकारी
सुदूर ग्रामीण इलाकों में कोरोना संक्रमण की स्थिति, जांच, ऑक्सीजन युक्त बेड और दवाइयों की उपलब्धता, संक्रमितों के उपचार की व्यवस्था, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उपकेंद्रों में चिकित्सीय संसाधनों की उपलब्धता, दूसरे राज्यों से वापस आने वाले प्रवासी मजदूरों की मॉनिटरिंग को लेकर किए गए इंतजामों और टीकाकऱण अभियान आदि की जानकारी सीएम ने ली।
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सभी के सहयोग से जीतेंगे कोरोना से जंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर हमारे लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस चुनौती से निपटने के लिए राज्य की जनता भी तैयार है। इस सिलसिले में सरकार ने जो कार्ययोजना तैयार की है, उसका समेकित लाभ मिले। इसके लिए सुदूर ग्रामीण इलाकों में लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसमें जनप्रतिनिधियों का अहम रोल है। राज्यवासियों के सहयोग से इस बार भी हम कोरोना से चल रही जंग को जरूर जीतेंगे।
कोरोना से बचाव को लेकर सतर्कता बेहद जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव में सतर्कता, सजगता और जागरूकता बेहद जरूरी है। इस सिलसिले में आपके पास अगर कोई सुझाव है तो उसे सरकार को बताएं। इसके साथ कोरोना से बचाव को लेकर बरते जाने वाले ऐहतियात और सुरक्षा के उपाय, घरेलू नुस्खे के इस्तेमाल और टीकाकरण को लेकर लोगों को आप जागरूक करें।
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कोविड सर्किट का संक्रमितों को मिल रहा फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में रांची और जमशेदपुर में कोविड सर्किट शुरू किया गया है। इसका फायदा संक्रमितों को मिल रहा है। रांची और जमशेदपुर के अस्पतालों में बेड नहीं होने पर उन्हें निकटवर्ती जिले के अस्पतालों में बेड उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धनबाद में भी कोविड सर्किट को लेकर तैयारिंया लगभग पूरी हो चुकी है। संताल परगना और पलामू में इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।
जन प्रतिनिधियों ने अपने विचारों से कराया अवगत
मौके पर त्रिस्तरीय पंचायती राज से जुड़े जन प्रतिनिधियों ने कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम के लिए अपने विचारों और सुझावों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस दिशा में आ रही समस्याएं भी बताई। दुमका, पाकुड़, खूंटी समेत कई जिलों के जनप्रतिनिधियों ने टीकाकरण को लेकर लोगों के बीच फैली भ्रांतियां, गलतफहमी और किए जाने वाले दुष्प्रचारों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। उन्होंने कहा कि हर स्तर के जन प्रतिनिधियों को कोरोना योद्दा का दर्जा मिले और सभी का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाएं। इसमें सरकार पूरा सहयोग करेगी।
ये थे उपस्थित
मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, नगर विकास औऱ आवास विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे, पंचायती राज विभाग के सचिव राहुल शर्मा और निदेशक, पंचायती राज आदित्य रंजन उपस्थित थे।
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बैठक में मिले ये अहम सुझाव
◆टीकाकरण के प्रति ग्रामीण इलाकों में लोगों को जागरूक करने में उस क्षेत्र के खेल, राजनीति, समाज सेवा से जुड़े हस्तियों और प्रमुख लोगों का सहयोग लिया जाए. इसके साथ उस इलाके में प्रचलित भाषा में प्रचार-प्रसार को सुनिश्चित किया जाए।
◆सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप केंद्रों में संक्रमितों के इलाज के लिए पर्याप्त चिकित्सीय संसाधन उपलब्ध कराया जाए, चिकित्सक और नर्स समेत अन्य मैनपावर की कमी दूर की जाए।
◆15 वें वित्त आयोग के तहत उपलब्ध कराई गई राशि का कोरोना महामारी के खिलाफ चल रही जंग में इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाए. इसके लिए सरकार दिशा निर्देश जारी करे।
◆पंचायत स्तर पर फिर से क्वारेंटाइन सेंटर की व्यवस्था को लागू किया जाए. इसके लिए बेड समेत अन्य आवश्यक संसाधन पहले से ही उपलब्ध हैं।
◆दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों की मॉनिटरिंग और जांच की व्यवस्था की जाए. इससे संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।
◆ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों में एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित हो. इसके अलावा आपातकालीन परिस्थितियों में ममता वाहन के इस्तेमाल की भी इजाजत दी जाए।
◆कोरोना संक्रमितों के देहांत हो जाने की स्थिति में उसकी अंत्येष्टि को लेकर जो दिक्कतें आ रही हैं, उसे दूर करने की पहल हो।
◆ग्रामीण इलाकों में कई परिवारों के सभी के सभी लोग संक्रमित हैं।
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