Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगिता परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने 7 कोचिंग संचालकों और बिचौलियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट हासिल कर लिया है और उनकी तलाश में रांची, पलामू, बोकारो, हजारीबाग व गिरिडीह समेत कई जिलों में छापेमारी चल रही है।
ये 7 आरोपी CID के रडार पर
CID के अनुसार वारंट जिन आरोपियों के खिलाफ जारी हुआ है, उनमें आदित्य पांडेय(रांची), पवन कुमार सिंह(रांची), रविशंकर कुमार(पलामू), संतोष कुमार सिंह(पलामू), सानंद प्रकाश(बोकारो), लालू कुमार यादव(हजारीबाग) और सौरभ कुमार पांडेय(गिरिडीह) शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि ये सभी अभ्यर्थियों से संपर्क कर JPSC परीक्षा में कथित “सेटिंग” कराने का काम करते थे।
21 गिरफ्तार, सिंडिकेट की परतें खुल रहीं
CID थाना कांड संख्या 16/2026 में दर्ज इस मामले में अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर इन सातों के नाम सामने आये हैं। एजेंसी का दावा है कि पूरा नेटवर्क परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों और बिचौलियों के जरिये संचालित हो रहा था। CID ने प्रारंभिक परीक्षा में सफल 2204 अभ्यर्थियों से OMR शीट की कार्बन कॉपी मांगी थी, लेकिन केवल 1750 अभ्यर्थियों ने ही दस्तावेज भेजे। 454 अभ्यर्थियों द्वारा OMR नहीं भेजने को एजेंसी ने गंभीर माना है और उन्हें जल्द पूछताछ के लिए समन भेजने की तैयारी है।
पूर्व अध्यक्ष के ऑपरेटर से पूछताछ जारी
फिलहाल CID की रिमांड पर JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार और परीक्षा एजेंसी बिंसिस टेक्नोलॉजी प्रा. लि. के निदेशक अरुण कुमार शर्मा हैं। दोनों से OMR हेराफेरी, वित्तीय लेन-देन और कथित सिंडिकेट के नेटवर्क को लेकर पूछताछ जारी है।















