- ओझा और झोला छाप डॉक्टर के हवाले हैं बीमार
- भ्रम ऐसा कि गांव में हेल्थवर्कर्स को देखते ही खदेड़ देते हैं ग्रामीण
GUMLA : कोरोना एक भयंकर महामारी का रूप ले चुकी है। इसे हराने के लिए सरकार करोड़ों खर्च कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल किट भेजने से लेकर अस्पताल बनाए जा रहे हैं। फिर भी गुमला के विशुनपुर में लोग बीमार पड़ने पर अस्पताल जाने के बजाय घर में ही ओझा गुनी के चक्कर में पड़कर झाड़-फूंक करा रहे हैं। उन्हें वैक्सीन से मौत का डर सता रहा है। यह अंधविश्वास का परिणाम है और साथ ही प्रशासनिक विफलता भी।
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स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भगा दिया
हालात ऐसे हैं कि यहां टीका देने के लिए आने वाली हेल्थ वर्कर्स को ग्रामीण गांव के बाहर खदेड़ दे रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि कोविड-19 के इंजेक्शन लेने से 1 माह तक बुखार व मृत्यु हो जाती है। गुमला के मंजीरा गांव में एएनएम को देखते ही घंट पीटकर इकट्ठा हो गए और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को वहां से खदेड़ दिया। ये वैक्सीन लेने का बहिष्कार कर रहे है। सर्दी बुखार आने पर लोग झोलाछाप डॉक्टर व ओझा गुनी का सहारा लेकर अपना इलाज घर पर ही करा रहे हैं।इसके कारण कई लोगों की अभी तक मौत भी हो चुकी है।
बनालात गांव में बीडीओ को देखते ही ओझा फरार
बिशनपुर प्रखंड के बनालात गांव में एक बीमार युवक का 34 ओझा झाड़-फूंक कर रहे थे। जब प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदा भट्टाचार्य मौके पर पहुंची। प्रशासन की टीम को देखते ही ओझा फरार हो गए। आनन-फानन में युवक को अस्पताल तक पहुंचाया गया।
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मंजीरा गांव में हेल्थवर्कर्स पर हमला
यह मामला मंजीरा गांव का है। यहां टीकाकरण करने गए स्वास्थ्य कार्यकर्ता व एएनएम को ग्रामीणों ने गांव में घुसते देख घंटा बजाकर इकट्ठे हुए और वहां से खदेड़ दिया। इसकी जानकारी मिलने के बाद प्रखंड प्रशासन मौके पर पहुंची और लोगों का समझाने का काम कर रही है।












