कोहराम लाइव डेस्क : confusion सिर्फ कमजोर ही नहीं बनाता, बल्कि हार का कारण भी बनता है। जिस तरह एक छात्र अपने निर्धारित दिशा में आगे बढ़ता है तो वह एक सफल व्यक्ति बनता है। यदि वही छात्र अपने निर्धारित दिशा से भटकता है तो वह कुछ भी हासिल नहीं कर पाता है। साथ ही वह तनाव का शिकार भी होता है। किसी भी व्यक्ति को अपने करियर अपने क्षमता के अनुसार तय करना चाहिए और पूरी लगन से उसे पाने की कोशिश करनी चाहिए।
confusion जीवन के हर मोड़ के लिए है खतरनाक
ठीक इसी तरह हर व्यक्ति को जीवन के हर मोड़ के लिए पॉसीटिव रहना चाहिए। साथ ही दिशा निर्धारित होना चाहिए। व्यक्ति जीवन के किसी भी मोड़ पर confusion से वह जाने – अनजाने खुद को ही नुकसान करता है।
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महाभारत में अर्जुन हुए थे confusion का शिकार
महाभारत युद्ध में अर्जुन जब भ्रमित हुआ तो कृष्ण उसकी स्थिति को समझ गए, उसका कन्फ्यूजन दूर किया। तब श्रीकृष्ण ने कहा कि सारी कमजोरियां चलेंगी, लेकिन भ्रमित होना नहीं चलेगा। तुम युद्ध इसलिए नहीं कर रहे कि तुम्हारे सामने रिश्तेदार हैं, तुम्हारे पूजनीय है। सच तो ये है कि तुम धर्म की रक्षा के लिए युद्ध कर रहे हो। मुद्दा युद्ध नहीं है, बात अपनों की नहीं है, सच तो ये है कि धर्म बचाना है। भ्रम दूर करने के लिए मैं तुम्हें कुछ बातें समझाता हूं। 700 श्लोकों में कृष्ण ने गीता जैसा उपदेश दिया। अंत में अर्जुन ने कहा कि अब मेरा भ्रम दूर हो गया, अब मैं तैयार हूं। जो भी काम करो, पूरी मजबूती से करो, अगर भ्रमित हो गए तो पराजित हो जाओगे।
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