Garhwa(Nityanand Dubey) : वो लोग जिनकी सुबह तब शुरू होती है जब शहर अब तक सोया होता है, जिनके झाड़ू की आवाज सन्नाटे में गूंजती है, जिनके पसीने से गढ़वा की गलियों को चमक मिलती है, ऐसे नायक इस बार बने “कॉफी विद एसडीएम” के खास मेहमान। गढ़वा के SDO संजय कुमार ने इस हफ्ते अपने लोकप्रिय “कॉफी विद एसडीएम” में स्वच्छता कर्मियों को न्योता दिया। यह एक आत्मीय मुलाकात है, जहां एक अधिकारी अपने कर्मभूमि के सच्चे सिपाहियों के साथ बैठकर कॉफी की चुस्कियों में संवाद करते हैं। SDO संजय कुमार ने कहा “स्वच्छ गढ़वा, सुंदर गढ़वा का सपना इन्हीं के कंधों पर टिका है। इनका सम्मान, इनका मनोबल हमारी जिम्मेदारी है।” स्वच्छता सैनिकों से उनके दर्द, चुनौतियां, जरूरतें सुनी जायेगी, वहीं उनसे गढ़वा को और बेहतर बनाने के सुझाव भी मांगे जायेंगे।
क्यों खास है ये पहल?
अब तक किसानों से लेकर किन्नरों तक, टैक्सी चालकों से लेकर साहित्यकारों तक 23 अलग-अलग वर्गों को यह सम्मान मिल चुका है। लेकिन इस बार की मुलाकात कुछ अलग है, यह उन हाथों के लिये है, जो दूसरों की गंदगी को साफ कर अपने हिस्से की इज्जत ढूंढ़ते हैं। अब उन पर नजर पड़ रही है जो खुद सूरज उगने से पहले उठते हैं। कभी सोचा है, शहर साफ होता है, लेकिन कौन है जो हर रोज इसे मुमकिन बनाता है? इस “कॉफी पर चर्चा” में शामिल होकर शायद पहली बार इन चुपचाप काम करने वाले लोगों को लगेगा, “हम भी सुने जा सकते हैं।”








