- मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई जैप-आईटी की 10वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग
RANCHI : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकारी विभागों व कार्यालयों का अलग-अलग डेटा सेंटर साइबर सुरक्षा के दृष्टिकोण से उचित नहीं है। ऐसे में सभी विभागों के लिए सेंट्रलाइज्ड डेटा सेंटर बनाया जाए। इससे डेटा सेंटर का मैनेजमेंट, मेंटेनेंस और मॉनिटरिंग बेहतर तरीके से करने के साथ साइबर सुरक्षा की व्यवस्था को पुख्ता किया जा सकता है। वह गुरुवार को जैप-आईटी की 10वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे थे । 6 सालों के अंतराल के बाद हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को डेटा रिकवरी सेंटर और साइबर सिक्योरिटी रिस्पांस टीम बनाने का निर्देश दिया। मौके पर उन्होंने जैप-आईटी द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी ली।
ई- गवर्नेंस का विजन डॉक्यूमेंट तैयार करें
सीएम ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग से कहा कि वह ई-गवर्नेंस के अगले 5 सालों का विजन डॉक्यूमेंट तैयार करे। इसके तहत किस तरह नई तकनीकों को सरकारी कार्यों में बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है, इसकी जानकारी हो। बदलते समय के साथ ई- गवर्नेंस व्यवस्था को पारदर्शी बनाने में कारगर साबित होगा।
सरकारी दस्तावेजों का जल्द से जल्द डिजिटलाइजेशन हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों में पुरानी फाइलों का अंबार है। यह व्यवस्था खत्म होनी चाहिए। सभी महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों का डिजिटलाइजेशन जल्द से जल्द पूरा करें। जिन फाइलों और दस्तावेजों की अब कोई उपयोगिता नहीं है, उसके निष्पादन की भी व्यवस्था की जाए।
ऑफिस सिक्योरिटी का हो पुख्ता इंतजाम
हेमंत सोरेन ने कहा कि सचिवालय एवं संलग्न कार्यालयों में कर्मियों और सरकारी वाहनों के प्रवेश के लिए चिप-आधारित ई-पास की व्यवस्था बनाई जाए। इसके अलावा सचिवालय के सभी प्रवेश द्वारों पर सेंसर ग्लासेज की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि सिर्फ ई-पास वाले व्यक्ति ही अंदर प्रवेश कर सकें। इससे अवांछित लोगों के सचिवालय में प्रवेश को नियंत्रित किया जा सकेगा और यह ऑफिस सिक्योरिटी के दृष्टिकोण से काफी बेहतर साबित होगा।
इनकी रही मौजूदगी
मौके पर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, कार्मिक विभाग की प्रधान सचिव वंदना डाडेल, वित्त विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह , मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, सूचना प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस विभाग के सचिव केएन झा, जैप-आईटी के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ ) मनोज कुमार मौजूद थे।
इसे भी पढ़ें : पिस्टल सटा लूट लिया था सिलेंडर डिलीवरी ब्वॉय को… देखें फिर क्या हुआ
इसे भी पढ़ें : खूंटी ट्रिपल मर्डर केस में 4 गिरफ्तार, उगले कई राज…
इसे भी पढ़ें : टीम इंडिया को लगा बड़ा झटका, टूट गये सपने….
इसे भी पढ़ें :दारू पीने पर टोकाटोकी करने वाले मालिक और मालकिन का कर दिया राम नाम सत्य… देखें कैसे
इसे भी पढ़ें :NEET UG Result 2022 Declared, ऐसे देखें स्कोरकार्ड
इसे भी पढ़ें :डॉक्टर पर लगा बिगड़े बोल का इल्जाम, हंगामा…












