Ranchi : झारखंड के CM हेमंत सोरेन ने महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अफसरों को साफ शब्दों में कहा कि योजनाएं केवल फाइलों में नहीं, गांव के आखिरी घर तक दिखनी चाहिये। झारखंड मंत्रालय में चली इस लंबी समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद तक पहुंचे, यही असली लक्ष्य होना चाहिये।
बाल विवाह पर हर हाल में लगे रोक
बैठक में सबसे ज्यादा चिंता बाल विवाह को लेकर दिखाई दी। CM हेमंत सोरेन ने गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा जैसे इलाकों का जिक्र करते हुये कहा कि वहां अब भी कम उम्र में बेटियों की शादी के मामले सामने आ रहे हैं, जो बेहद चिंता की बात है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांव-गांव अभियान चलाया जाये। स्कूल-कॉलेज की छात्राओं को जागरूक किया जाये। सोशल मीडिया, ऑडियो-वीडियो और जनसंपर्क के जरिये लोगों को समझाया जाये कि बाल विवाह सिर्फ सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों की हत्या है। CM ने यह भी कहा कि जो बेटियां साहस दिखाकर बाल विवाह का विरोध कर रही हैं, उन्हें “ब्रांड एम्बेसडर” बनाया जाये ताकि वे दूसरी लड़कियों के लिये प्रेरणा बन सकें।
अब मिशन मोड में बनेंगे मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र
CM हेमंत सोरेन ने आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अब मिशन मोड में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाये जायें। कई जगहों पर आज भी आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर या किराये के भवनों में चल रहे हैं। CM ने निर्देश दिया कि ऐसे केंद्रों को जल्द बेहतर भवनों में शिफ्ट किया जाये। CSR और DMFT फंड के उपयोग का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने खास तौर पर सुदूर ग्रामीण इलाकों के केंद्रों पर फोकस करने को कहा, जहां आज भी बिजली, शौचालय और साफ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्र अपने भवन में चलें, ताकि गांव के बच्चों को बेहतर माहौल मिल सके।
“सखी सेंटर” से महिलाओं को मिलेगा सहारा
बैठक में “सखी वन स्टॉप सेंटर” की भी समीक्षा हुई। CM हेमंत सोरेन ने कहा कि घरेलू हिंसा और अन्य प्रताड़ना से पीड़ित महिलाओं को इन केंद्रों की जानकारी होनी चाहिये। उन्होंने निर्देश दिया कि महिला हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार किया जाये और शिकायतों का तेजी से समाधान हो। वहीं, सखी सेंटर को स्थानीय पुलिस प्रशासन से जोड़ने पर भी जोर दिया गया, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को तुरंत मदद मिल सके।
रिक्त पदों को भरने में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में यह जानकारी सामने आई कि विभाग में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। इसमें CDPO के 106 पद, महिला पर्यवेक्षिका के 433 पद, आंगनबाड़ी सेविका के 583 पद एवं आंगनबाड़ी सहायिका के 897 पद शामिल हैं। CM हेमंत सोरेन ने इन पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया।
पेंशन और मईयां सम्मान योजना पर भी फोकस
CM हेमंत सोरेन ने “मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना” की समीक्षा करते हुये कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित नहीं रहना चाहिये। वहीं, “झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना” के छूटे हुये लाभुकों को भी जोड़ने का निर्देश दिया गया।
इन योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई, जिनमें सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना, दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना एवं दिव्यांगजनों को विशेष उपकरण उपलब्ध कराने की योजना शामिल है। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव उमा शंकर सिंह समेत कई आलाअधिकारी मौजूद रहे।

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