Kohramlive : हिमाचल में बुधवार को ऑरेंज अलर्ट के बीच मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि कई जगह बादल फटने, नदियों में उफान और बाढ़ से तबाही मच गई। कुल्लू, धर्मशाला और लाहौल की घाटियों में खड्डों ने रफ्तार पकड़ी, तो गांव, पुल, सड़कें और वाहन बहते चले गये। कुल्लू में कहर बरपा है। यहां 8 गाड़ियां, 10 पुलियां और बिजली प्रोजेक्ट बह गये। सैंज के जीवानाला, गड़सा के शिलागढ़, बंजार के होरनगाड़ और मनाली के स्नो गैलरी में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। रैला बिहाल में 3 लोग बहे, उनकी तलाश जारी है। 1 मेगावाट का बिजली प्रोजेक्ट बह गया, सैंज बाजार की सड़क टूटी, कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, करीब 1900 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुये हैं।सैंज घाटी में शैंशर, शांघड़ और सुचैहन पंचायत में 150 से अधिक वाहनों के साथ फंसे हैं। सिउंड के पास सड़क टूट गई, बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है। लाहौल में भी 25 पर्यटक फंसे हुये हैं। धर्मशाला के खनियारा में निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट में काम कर रहे 10 से अधिक मजदूर के बहने की आशंका है। अब तक 2 शव बरामद किये गये, NDRF एवं SDRF की टीमें मौके पर डटी है। खबर है कि स्कूल में मलबा घुस गया, बच्चों को रेस्क्यू किया गया। बंजार में सरकारी प्राथमिक विद्यालय में मलबा घुस गया, स्थानीय लोगों ने बच्चों को सही-सलामत बाहर निकाला। वैसे, कांगड़ा के DC हेमराज बैरवा मीडिया से बोले, “बादल फटने की पुष्टि नहीं है, लेकिन खड्ड में पानी खतरनाक स्तर पर है।”
राज्य भर में हालात बिगड़े
- कुल 171 सड़कें ठप, NH-305 समेत कई रूट बंद
- 550 ट्रांसफार्मर खराब, बिजली सप्लाई प्रभावित
- शिमला-कुल्लू से कोई फ्लाइट नहीं, गगल एयरपोर्ट से 2 उड़ानें रद्द












