Bihar : बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर सियासी हलचल तेज हो गयी है। CJP ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को बिहार में बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के ईस्ट जोन कोऑर्डिनेटर सतीश यादव ने कहा कि 48 घंटे के अल्टीमेटम में 24 घंटे बीत चुके हैं। बाकी 24 घंटे में इस्तीफा नहीं हुआ तो आंदोलन शुरू किया जायेगा। सतीश यादव ने दावा किया कि बिहार में SIR के दौरान 47 लाख नाम हटाये गये। उन्होंने पश्चिम बंगाल में करीब 16 लाख और गोवा में 97 नाम हटाये जाने का भी दावा किया। CJP ने हटाये गये नामों की समीक्षा और पात्र मतदाताओं को दोबारा सूची में शामिल करने की मांग की है। CJP ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाये हैं। संगठन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे, मामले की स्वतंत्र जांच और चुनाव आयोग के पुनर्गठन की मांग रखी है।
‘Election Commission Thik Karo’ अभियान
CJP ने देशव्यापी ‘Election Commission Thik Karo’ अभियान का भी ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि बिहार से शुरू हुआ आंदोलन आगे देशभर में ले जाया जायेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार की बाढ़ राहत राशि का मुद्दा भी उठाया गया। सतीश यादव ने दावा किया कि 7 हजार रुपये की सहायता सभी प्रभावित परिवारों तक नहीं पहुंची। उन्होंने चुनाव के दौरान महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता दिये जाने पर भी सवाल उठाये और इसे लेकर सरकार से जवाब मांगा।





