UP : फास्ट फूड का बढ़ता चलन एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। अमरोहा की 11वीं क्लास की स्टूडेंट अहाना (16) की मौत ने परिवार ही नहीं, पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। चाऊमीन, मैगी, पिज्जा और बर्गर जैसे फास्ट फूड की आदत के चलते उसकी तबीयत बिगड़ी और लंबा इलाज चलने के बाद दिल्ली एम्स में रविवार रात उसकी मौत हो गई। अमरोहा नगर के मोहल्ला अफगानान के किसान मंसूर खान की सबसे छोटी बेटी अहाना पढ़ाई में होनहार थी। परिजनों के मुताबिक, सितंबर में पेट दर्द की शिकायत के बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई। मुरादाबाद के निजी अस्पताल में ऑपरेशन हुआ, लेकिन सेहत पूरी तरह संभल नहीं पाई। हालत दोबारा बिगड़ने पर उसे एम्स दिल्ली रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान हार्ट फेल होने से उसकी मौत हो गई।
डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि लंबे समय तक फास्ट फूड का सेवन उसकी बीमारी की बड़ी वजह बना। अहाना की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि स्वाद के चक्कर में खाया जाने वाला फास्ट और प्रोसेस्ड फूड शरीर के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है, खासकर बच्चों और किशोरों के लिए। यह घटना एक कड़ी चेतावनी है कि सेहत के साथ समझौता भारी पड़ सकता है।







