कोहराम लाइव डेस्क : केंद्र सरकार ने ऊंचे प्रीमियम वाले यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस पॉलिसीज (ULIPs) के लिए नियमों में परिवर्तन कर दिया है। इन बदलावों का असर उन लोगों पर अधिक पड़ेगा, जो बड़ी रकम ULIP में लगाते हैं। अब उन्हें इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के बराबर टैक्स देना पड़ेगा।
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हाई प्रीमियम वाले ULIPs पर लागू होंगी शर्तें
संशोधित फाइनेंस बिल में स्पष्ट कर दिया गया है कि हाई प्रीमियम वाले ULIPs पर न्यूनतम इक्विटी होल्डिंग की शर्तें लागू होंगी। वास्तविक फाइनेंस बिल में कहा गया था कि 2.5 लाख रुपये से ज्यादा सालाना प्रीमियम वाले ULIP में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10 (10) (D) के तहत मैच्योरिटी पर टैक्स छूट का फायदा नहीं मिलेगा। संशोधित फाइनेंस बिल के मुताबिक ऐसे ULIP अगर इक्विटी में सीधे निवेश करते हैं तो उनका 65 परसेंट असेट शेयर मार्केट में होना चाहिए।
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2021-22 के बजट में की गर्इ्र थी घोषणा
केंद्र के साल 2021-22 के आम बजट में कहा गया था कि अगर कोई यूलिप में एक साल में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा के प्रीमियम का भुगतान करता है, तो सेक्शन 10 (10डी) के तहत उपलब्ध टैक्स एग्जेम्पशन हटा दिया गया है। यह नियम मौजूदा यूलिप पर लागू नहीं होगा।








