UP : आपकी रोटी में सिर्फ गेहूं नहीं, पत्थर का चूरा भी हो सकता है। उत्तर प्रदेश में आटे में सेलखड़ी (पत्थर का मुलायम चूरा) मिलाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इसके बाद पूरे प्रदेश में आटा मिलों पर जांच तेज कर दी गई है। फिरोजाबाद की एक आटा मिल में 30 किलो सेलखड़ी बरामद हुई। इल्जाम है कि इसे गेहूं के साथ पीसकर ‘राज रसोई प्रीमियम’ ब्रांड के नाम से बाजार में बेचा जा रहा था। मामले में दो संचालकों पर FIR दर्ज हुई है। दोनों फरार हैं। आगरा में भी कार्रवाई तेज है। 30 आटा मिलों से 35 से ज्यादा नमूने जांच के लिए भेजे गये हैं। कई जगह ब्रांडेड आटे की पैकिंग के दौरान गंदगी और अनियमिततायें भी मिली हैं। अधिकारियों के मुताबिक, घटिया और काले पड़ चुके गेहूं को सफेद और चमकदार दिखाने के लिए सेलखड़ी मिलाई जाती है। इससे आटा देखने में बेहतर लगता है, लेकिन सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।
घर बैठे ऐसे करें मिलावट की पहचान
आटे में नींबू की बूंदें डालें। बुलबुले उठें तो मिलावट की आशंका।
पानी में आटा घोलें। अगर जल्दी तली में बैठ जाये, तो सावधान।
हथेली पर रगड़ें। असामान्य चिकनाहट महसूस हो तो मिलावट हो सकती है।
डॉक्टरों की चेतावनी
विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक ऐसा आटा खाने से पेट की बीमारी, आंतों में रुकावट, किडनी स्टोन, दांतों की समस्या और फेफड़ों के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। खाद्य एवं औषधि विभाग ने लोगों से संदिग्ध आटे की शिकायत टोल फ्री नंबर 18001805533 पर करने की अपील की है।















