kohramlive desk : कोरोना वायरस लगातार अपना रूप परिवर्तन कर रहा है। मलेशिया में नये रिसर्च में यह बात सामने आई है कि कोरोना वायरस संक्रमण के डेल्टा वेेरिएंट (Delta Variant) के बाद अब लैंब्डा वेरिएंट (Lambda Variant) के ज्यादा खतरनाक है। मलेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न बताता है। मंत्रालय ने दावा किया है कि पिछले चार हफ्तों में 30 से अधिक देशों में लैंब्डा वेेरिएंट के मामलों का पता चला है। मलेशियाई स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को ट्वीट किया, ‘लैंब्डा स्ट्रेन पेरू में सबसे पहले पाया गया। यह दुनिया में सबसे अधिक मृत्यु दर वाला देश है।’
LAMBDA variant of coronavirus not reported in India so far: Sources
— ANI (@ANI) July 7, 2021
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ब्रिटेन में भी पाया गया नया वैरिएंट
ब्रिटेन में भी लैंब्डा वैरिएंट का पता चला है. द स्टार ने बताया कि रिसर्चर्स इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यह वैरिएंट ‘डेल्टा की तुलना में अधिक संक्रामक’ हो सकता है। यूरो न्यूज ने पैन अमेरिकन हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (पीएएचओ) के हवाले से बताया कि पेरू में मई और जून के दौरान रिपोर्ट किए गए कोरोनावायरस केस के कुल सैंपल्स में से 82 फीसदी में लैंब्डा पाया गया।
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चिली में 31 फीसदी से ज्यादा नमूनों में न्यू वैरिएंट
दक्षिण अमेरिकी देश चिली में मई और जून के 31 प्रतिशत से अधिक नमूनों में लैंब्डा स्ट्रेन ही पाया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पहले ही लैंब्डा को दक्षिण अमेरिका में वेरिएंट ऑफ कंसर्न घोषित कर दिया है। WHO ने कहा कि लैंब्डा अधिक संक्रामक है और एंटीबॉडी पर तेज हमला करता है। इस बीच, पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (PHE) ने अंतरराष्ट्रीय विस्तार और L452Q और F490S सहित कई म्यूटेशन के कारण लैंब्डा को वेरिएंट ऑफ इन्वेस्टिगेशन की लिस्ट में जोड़ा है। माना जा रहा है कि यह टीकों को भी बाइपास कर सकता है।












