Hazaribagh : धीमा जहर यानी ब्राउन शुगर तैयार करने वाली एक मिनी फैक्ट्री का खुलासा हजारीबाग पुलिस ने किया है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद नशे के सौदागरों की करिस्तानी और उसके नेटवर्क को जान पुलिस भी दंग रह गई। ब्राउन शुगर तैयार करने वाले सौदागर रामदुलार कुमार और उमेश केसरी को पुलिस ने दबोच लिया है। वहीं, ब्राउन शुगर बनाने वाली एक मशीन और अफीम की बड़ी खेप बरामद की गई है। तैयार ब्राउन शुगर भी भारी मात्रा में मिले। गिरफ्तार दोनों सौदागर गया के मसौधा थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव का रहने वाला है। वहीं हजारीबाग के चौपारण थाना क्षेत्र के जंगल में फैक्ट्री खोल रखी थी।
सबसे हैरत की बात है कि यह मिनी फैक्ट्री चोरदाहा पिकेट से कुछ ही दूरी पर चल रही थी। गिरफ्तार राम दुलार और उमेश ने पुलिस के सामने कई राज उगले और अपना गुनाह कबूल किया। दोनों ने अपने इकबालिया बयान में पुलिस को बताया कि वे लोग खूंटी से अफीम उठाया करते थे। एक लाख रुपये में उन्हें एक किलो अफीम मिल जाता था। अफीम और अन्य मादक पदार्थ मिला कर हजारीबाग में बनाया करता था। इसके बाद बिहार के रास्ते ब्राउन शुगर दिल्ली कर पहुंचाया करता था। दिल्ली में ब्राउन शुगर प्रति किलो 5 लाख रुपये तक मिल जाती थी। नशे के सौदागरों का एक बड़ा नेटवर्क है। इन सौदागरों के कारनामे के बार में हजारीबाग पुलिस कप्तान मनोज रतन चोथे को गुप्त सूचना मिली थी। शुक्रवार को एक बड़ी खेप हजारीबाग होते हुए बिहार के रास्ते दिल्ली जाने वाली थी। मिली सूचना पर एसपी ने एक स्पेशल टीम बनाई। गठित टीम कोर्रा थाना क्षेत्र के नगवा टोल के पास एक्टिव मोड में आ गई। तभी पुलिस की नजर बजरंग चौक से कनहरी जाने वाले एक शख्स पर पड़ी। उसे पकड़ा गया। उसके पास दो बैग मिले। दोनों बैग में अफीम और ब्राउन शुगर भरे पड़े थे। वहीं 45 हजार 500 रुपये कैश मिले। गिरफ्तार व्यक्ति की निशआनदेही पर ब्राउन शुगर बनाने वाली मिनी फैक्ट्री पकड़ी गई। वहां से एक अन्य पकड़ा गया।
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