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पतंगोत्‍सव : …और नीली, पीली, धानी रंग की पतंगों से पट जाता है आसमां

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विदेश से भी भारत की पतंगबाजी देखने आते हैं पर्यटक

कोहराम लाइव डेस्क : अन्‍य सांस्‍कृतिक गतिविधियों की तरह ही पतंगबाजी का भी अपना खास मजा है। नव वर्ष पर देश के विभिन्‍न हिस्‍सों में इसे लेकर होने वाले आयोजनों में लोग चाव से भाग लेते हैं। बड़े-बड़े पतंगोत्सवों में कई सारे अनुभवी पतंगबाज अपना कौशल प्रदर्शन करते हैं। इस महोत्‍सव में नीली, पीली, धानी और अन्‍य कई रंगों और डिजाइन की पतंगें आसमां में खेलती हुई मालूम होती हैं। इन्‍हें देखने वालों की भी भारी तादाद जुटती है।

कोरोना काल में बरतनी है सावधानी

इस साल कोरोना के कारण इन पतंगोत्सवों के आयोजन को लेकर संशय भी है, पर अपने-अपने घरों की छतों से सावधानी के साथ पतंगबाजी करने में किसी को कोई मनाही नहीं है, पर सावधानी बरतनी है। इस साल अंतरराष्ट्रीय काइट फेस्टिवल के आयोजन पर भी संशय है। भारत के पतंगोत्सव की ख्याति इतनी है कि विदेशों से भी पर्यटक इन्हें देखने आते हैं और आश्चर्यचकित हो जाते हैं। आइए रू-ब-रू होते हैं इंडिया के पतंगोत्‍सवों क बारे में।

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गुजरात की पंतंगबाजी

गुजरात का पतंगोत्सव तो पूरे विश्व में विख्यात है। मकर संक्रांति का पर्व यहां बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग यहां अपनी-अपनी छतों पर तरह-तरह के आकार की पतंगें उड़ाते हैं। 7 से 15 जनवरी तक यहां पर हर साल अंतरराष्ट्रीय काईट फेस्टिवल का आयोजन होता है। जिसे देखने के लिए जापान, मलेशिया, सिंगापुर, रूस आदि जगहों से पर्यटक आते हैं।

जयपुर का पतंगोत्‍सव

प्रतिवर्ष जयपुर में भी बड़ा भारी पतंगोत्सव मनाया जाता है। यह पतंगोत्सव मकर संक्रांति से शुरू होता है, जो कि आने वाले तीन दिन तक चलता है। इस दिन जयपुर के पोलोग्राउंड में कई सारे लोग जमा हो जाते हैं और फिर यहां दुनियाभर के सबसे अच्छे पतंगबाज बड़ी-बड़ी पतंगों को ऊंचा- ऊंचा उड़ाकर अपना कौशल प्रदर्शन करते हैं। आसमान में उड़ती पतंगों का यह दृश्य वाकई बहुत शानदार होता है।

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पंजाब का काइट फेस्टिवल

पंजाब में भी हर साल काइट फेस्टिवल का आयोजन होता है, लेकिन पंजाब का काईट फेस्टिवल बसंत पंचमी के दिन मनाया जाता है और इस दिन खेत में एक से बढ़कर एक पतंगें उड़ाए जाते हैं। इस दौरान लोग पेंच भी लड़ाते हैं और फिर पुरस्कार वितरण भी होता है, क्योंकि काईट फेस्टिवल किसी रोचक खेल से कम नहीं होता है। कई सारे लोग इसे दूर-दूर से देखने आते हैं।

तेलंगाना का मशहूर पतंगोत्‍सव

तेलंगाना में भी अच्छे स्तर पर अंतरराष्ट्रीय पतंग दिवस का आयोजन किया जाता है। 13 से 15 जनवरी तक होने वाले इस पतंग महोत्सव में 40 से अधिक देशों के लोग हिस्सा लेते हैं। साथ ही यहां पर अलग-अलग स्टॉल, प्रदर्शनियां आदि भी लगती है। एक से बढ़कर एक आकृति की पतंग से यहां का आसमान पट जाता है, जो कि बहुत ही खूबसूरत दिखाई देता है।

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