Ranchi(Bhavna Thakur) : मां की सूनी गोद, पिता की भटकी निगाहें और मासूमों की खामोश चीख, इन सब पर झारखंड पुलिस की फौरी कार्रवाई ने मरहम रख दिया है। झारखंड की DGP तदाशा मिश्रा के निर्देश पर झारखंड पुलिस ने जगरनाथपुर मौसीबाड़ी से अपहृत बच्चा अंश कुमार और बच्ची अंशिका कुमारी को सही-सलामत खोज कर एक खौफनाक संगठित अपहरण गिरोह का भी खुलासा किया है। SIT जांच से खुलासा हुआ है कि यह कोई मामूली घटना नहीं, यह वर्षों से चल रहा मासूमों की तस्करी का जाल है। इस गिरोह द्वारा रांची के सिल्ली से 5, रामगढ़ के कोठार से 3 एवं लातेहार के बरियातू से 4 किशोर एवं किशोरियों के अपहरण कर लाये जाने की पुष्टि हो चुकी है। SIT ने जब गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ की, तो रोंगटे खड़े कर देने वाला सच सामने आया। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि बच्चों का भीख मंगवाने, बेचने, देह व्यापार और अवैध तस्करी के लिए अपहरण किया जाता था। गिरोह के तार बिहार, बंगाल और ओडिशा तक फैले हैं। अबतक अपहृत 12 बच्चों को खोज निकाला गया है, जिसमें दो बच्चे रांची के खादगढ़ा बस स्टैंड, से 2 साल पहले उठा लिये गये थे। वहीं, संबलपुर रेलवे स्टेशन से 3 साल पहले 1 बच्ची का किडनैपिंग कर लिया गया था। कुछ बच्चों को औरंगाबाद (बिहार) और बंगाल में बेचने की बात भी अभियुक्तों ने कबूली है। अब तक इस कांड में 15 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में महिला-पुरुष दोनों शामिल हैं। मुख्य अभियुक्त नव खेरवार और सोनी कुमारी फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं। सुने क्या बोले रांची पुलिस कप्तान राकेश रंजन…












