Ranchi : झारखंड की हवा में आक्रोश तैर रहा है और आवाज उठी है मजदूरों, कर्मचारियों और आम जन की। 9 जुलाई 2025 को भारत बंद का ऐलान है और इस बार झारखंड भी चुप नहीं बैठेगा। चार नये श्रम कानूनों के खिलाफ देशभर में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने बिगुल फूंका है। बंद को झारखंड में वामपंथी दलों, गैर-भाजपा राजनीतिक पार्टियों और राज्य सरकार के कई कर्मचारी संगठनों का वृहद समर्थन मिला है। राज्य राजपत्रित कर्मचारी संघ के महासचिव सुनील साह ने कहा “सरकार रोजगार देने के बजाय छीनने का काम कर रही है।”
सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चक्का जाम, बैंकिंग सेवायें ठप, पोस्ट ऑफिस, उद्योग और कई केंद्र सरकार की सेवायें बाधित रहने की आशंका है। सड़कों पर नारे होंगे, हाथों में बैनर होंगे और सीने में वो दर्द होगा जो वर्षों की अनसुनी मांगों और सरकार की नीतियों की उपेक्षा से भरा है।












