रांची : हिरासत में लिये गये राम सिंह, उसके दो नाबालिग बेटे, दो भतीजे, भाई और दामाद को Police ने देर रात तीन बजे छोड़ दिया। राम सिंह की मौसी मीना देवी और बहन शीतल ने दावा किया था कि जिस वक्त किशोरगंज में बवाल मचा था, उस वक्त राम सिंह सहित अन्य लोग घर पर ही थे। उन्होंने कोहराम लाइव से अपनी बात कही थी। यहां याद दिला दें कि भैरव सिंह मोस्ट वांटेड बन गया है और सीएम काफिले हमले मामले पर उसे पुलिस ताबड़तोड़ खोज कर रही है।
गिरफ्तारी का विरोध हुआ था
पुलिस द्वारा इन लोगों की गिरफ्तारी के बाद से ही विरोध शुरू हो गया था। ओरमांझी के जंगल में युवती की सिरकटी लाश मिलने के बाद और उसकी जांच की मांग को लेकर किशोरगंज चौक पर सीएम के काफिले को रोका गया था। इस दौरान काफी बवाल हुआ था। इसके बाद पुलिस ने भैरव सिंह को आरोपी बनाया। भैरव के परिजनों सहित कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी। परिजनों ने इसका विरोध किया। इसके बाद देर रात राम सिंह, चारों नाबालिग लड़कों को छोड़ दिया गया।
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Police अबतक खोज रही भैरव सिंह को
उधर, पुलिस का दावा है इस बवाल के पीछे का असली गुनाहगार है भैरव सिंह। भैरव सिंह तो पकड़ में नहीं आया पर उसके नाते रिश्तेदार को पुलिस उठा ले गई थी। सबको एक ही टास्क- भैरव सिंह को हाजिर करो, तब छोड़ेगे सब को। घर की महिलाओं ने तब भी कहा कि जिसने गड़बड़ किया उसे उठा ले जाती पुलिस, उफ तक नहीं करते। पर इसमें घर के नाबालिग बच्चों का क्या है कसूर। जिस समय किशोरगंज में बवाल हुआ, उस वक्त सारे बच्चे और लोग घर में मौजूद थे।
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