मोस्ट वांटेड बन गया भैरव, मामा राम सिंह हिरासत में
रांची : शायद ऐसा पहली बार हुआ गुजरे कई सालों के बाद जब एक जवान लड़की को नंगा कर उसका गर्दन काट कोई ले भागा हो। लाश मिली ओरमांझी के एक जंगल में। गुजरे 72 घंटे में न तो लड़की की कटी मुड़ी मिली और न ही पहचान हो पायी। जिसने भी यह जाना सुना सबको अंदर से हिला कर रख दी इस वारदात ने। वहीं, जिस तौर तरीके से कल शाम किशोरगंज चौक पर बवाल हुआ, वह और भी चौंका गया। आम तौर पर जिस रास्ते से सीएम गुजरने वाले होते हैं, उस रास्ते दूर दूर तक तैनात पुलिस अलर्ट हो जाती है। पर यहां चूक हो गयी। खैर मौका-ए-वारदात से सीसीटीवी फूटेज और अन्य साक्ष्य सबूत जुटाने के बाद पुलिस का दावा है इस बवाल के पीछे का असली गुनाहगार है भैरव सिंह। भैरव सिंह तो पकड़ में नहीं आया पर उसके नाते रिश्तेदार को पुलिस उठा लाई है। सबको एक ही टास्क- भैरव सिंह को हाजिर करो, तब छोड़ेगे सब को। जिन्हें पुलिस पकड़ लाई है उनमें भैरव सिंह का मामा राम सिंह, उसके दो नाबालिग बेटे, दो भतीजे, बड़ा भाई लंकेश सिंह, दामाद अविनाश शामिल हैं। घर की महिलाओं का कहना है जिसने गड़बड़ किया उसे उठा ले जाती पुलिस, उफ तक नहीं करते। पर इसमें घर के नाबालिक बच्चों का क्या है कसूर। जिस समय किशोरगंज में बवाल हुआ, उस वक्त सारे बच्चे और लोग घर में मौजूद थे। क्या यही है पुलिसिंग? अगर भैरव सिंह गुनहगार है तो उसे खोजे और पकड़े पुलिस।
बाबूलाल मरांडी और प्रतुल शाहदेव का बयान आया कि यह जनाक्रोश का नतीजा है। गुजरे सिर्फ एक साल पर गौर करें तो 1600 के करीब बहन बेटियों की इज्जत लूट ली गयी। जिस तरह ओरमांझी में एक लड़की के साथ जो कुछ किया गया… यह दिल को दहला देने वाला कांड है। ताकत लगानी चाहिये थी अपराधियों को खोज निकालने और मारी गयी लड़की की पहचान कर लेने में। तब शायद यह नौबत भी नहीं आती और पुलिस को किशोरगंज में लाठियां नहीं भांजनी पड़ती। इन दोनों नेताओं ने कहा कि इस घटना के विरोध में पूरे प्रदेश में एक दिवसीय धरना भी दिया गया।
वहीं डीजीपी एमवी राव ने ऐलान किया कानून को खिलौना समझने वाले को ऐसा सबक सिखायेंगे कि जिंदगी भर याद रखेगा। एक साजिश के तहत किशोरगंज में बवाल हुआ।
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यहां याद दिला दें कि तीन जनवरी को ओरमांझी के पारसगढ़ा में पलास के जंगल में एक लड़की की लाश मिली थी। लगभग 18-20 साल की इस लड़की के तन पर कोई कपड़ा नहीं था। उसके गुप्तांग क्षतिग्रस्त थे। धर से सिर भी गायब था। इस संबंध में ओरमांझी थाना में प्राथमिकी (कांड संख्या 04/21) दर्ज की गयी है। यह प्राथमिकी भादवी की धारा 302/324/201/120(बी) के तहत दर्ज की गयी है। दिल दहला देने वाली इस वारदात के दूसरे दिन अचानक किशोरगंज में हजारों का हुजूम सड़कों पर उतर आया। आक्रोश जबरदस्त था। तोड़फोड़, पत्थरबाजी, हंगामा बरपा। उसी समय प्रोजेक्ट बिल्डिंग से अपने आवास लौट रहे सीएम हेमंत सोरेन भी घेरा गये। हालत ऐसी हो गयी कि सीएम को अपना रास्ता बदलना पड़ा। सीएम काफिला पर हमला और एक सब इंस्पेक्टर के चोटिल होने के बाद हरकत में आयी रांची पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फूटेज को खंगाला और फिर भैरव सिंह के हरमू स्थित आवास पर धावा बोला। उसके नहीं मिलने के कारण देर रात ढाई बजे उसके मामा राम सिंह के हिंदपीढ़ी स्थित आवास पर धावा बोला गया। इस काम में चार थानों की पुलिस को लगाया गया था। कोतवाली, सुखदेव नगर, डेलीमार्केट और लोअर बाजार थाना की पुलिस शामिल है। राम सिंह के घर के बाहर एक सिपाही का पहरा बैठा दिया गया है। हर हालत में पुलिस भैरव सिंह को खोज निकालने में जुटी है।
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