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Friday, August 19, 2022
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होली के अगले दिन भी होता है भाई दूज, जानें इसकी कथा का सार और महत्व

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kohram live desk : सामान्‍य रूप से हम जानते हैं कि दीपावली के अगले दिन भाई दूज का पर्व आता है। बेशक हमारी परंपरा में इस भाई दूज का विशेष महत्‍व है। इससे इतर यह जानना भी महत्‍वपूर्ण है कि हमारे देश के कई हिस्‍सों में होली के दूसरे दिन भी भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। यह पर्व चैत्र के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। अंत: इस साल यह पर्व मंगलवार यानी 30 मार्च 2021 मनाया जा रहा है।

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इस प्रकार बताई जाती है होली भाई दूज की कथा

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होली भाई दूज की कथा के संदर्भ में बताया जाता है कि एक नगर में एक बुढ़िया रहती थी। उसका एक बेटा और एक बेटी थी। बुढ़िया ने अपनी बेटी की शादी कर दी थी। एक बार होली के बाद भाई ने अपनी मां से बहन के यहां जाकर तिलक कराने का आग्रह किया तो बुढ़िया ने अपने बेटे को जाने की इजाजत दे दी। बुढ़िया का बेटा एक जंगल से गुजरा जहां उसे एक नदी मिली। नदी ने कहा मैं तेरी जान लूंगी। इस पर बुढ़िया का बेटा बोला पहले मैं अपनी बहन से तिलक करा लूं फिर मेरे प्राण लेना। इसके बाद वह आगे बढ़ा। वहां उसे एक शेर मिला। बुढ़िया के बेटे ने शेर से भी यही कहा। इसके बाद उसे एक सांप मिला और उसने सांप से भी यही कहा।

बहन के घर पहुंचा भाई

तमाम रास्‍तों को पार कर भाई अपनी बहन के घर पहुंचा। उसकी बहन सूत काट रही थी। तिलक कराते वक्त भाई का मन दुखी था। इस पर बहन ने उसके दुख का कारण पूछा तो भाई ने उसे सब बता दिया। बहन ने भाई से रुकने के लिए कहा और खुद एक तालाब के पास गई जहां उसे एक बुढ़िया मिली। बहन ने बुढ़िया से अपने भाई की समस्या का समाधान पूछा। इस पर बुढ़िया ने कहा यह तेरे पिछले जन्मों का कर्म है, जो तेरे भाई को भुगतना पड़ रहा है। अगर तू अपने भाई को बचाना चाहती है तो उसकी शादी होने तक उसकी सहायता कर और उसकी तरफ आने वाले हर संकट को टाल दे।

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बहन ने हर संकट से भाई को बचाया

इसके बाद बहन ने भाई से आकर कहा कि मैं तुम्हें घर छोड़ने चलूंगी। इसके बाद दोनों आगे बढ़ते हैं। रास्ते में उन्हें पहले शेर मिलता है तो बहन शेर के आगे मांस डाल देती है। उसके बाद आगे उन्हें सांप मिलता है तो बहन उसे दूध दे देती है और अंत में उन्हें नदी मिलती है जिस पर वह लड़की ओढ़नी डालकर नमन करती है। इस तरह से बहन अपने भाई को बचा लेती है।

भाई को तिलक लगाती हैं बहनें

जिस तरह दिपावली के दूसरे दिन मनाए जाने वाले भाई दूज के त्योहार में बहनें भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं, उसी तरह से होली के दूसरे दिन यानी होली भाई दूज पर भी देश के कुछ हिस्सों में भाई को तिलक लगाकर बहनें भाई दूज मनाती हैं। शास्त्रों की मानें तो होली के अगले दिन जब बहनें भाई को तिलक लगाती हैं तो भाई को सभी तरह के संकट से मुक्ति मिल जाती है और उसके जीवन में सुख समृद्धि आती है.

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