Hazaribagh : डिजिटल दुनिया ने हमारी जिंदगी को आसान जरूर बनाया है, लेकिन इसके साये में छिपे खतरे अब हर दरवाजे तक पहुंचने लगे हैं। पुराने जमाने में शादी का निमंत्रण हाथों में मुस्कान और रिश्तों की गर्माहट लेकर आता था और आज वही न्योता मोबाइल स्क्रीन पर एक क्लिक के साथ पहुंचने लगा है। लेकिन इसी बदलाव को साइबर क्रिमिनलों ने ठगी का सबसे खतरनाक औजार बना लिया है।
‘शादी का कार्ड’ बना हैकर्स का हथियार
रविवार की सुबह पुरनी पेटो गांव अचानक हलचल से भर उठा। लोगों के फोन पर एक ही मैसेज आया, “शादी का डिजिटल निमंत्रण, कृपया कार्ड देखें।” नीचे एक एपीके फाइल। शादी-ब्याह का निमंत्रण हो और क्लिक न किया जाये, यह तो गांव की परंपरा के खिलाफ था। लेकिन जैसे ही लोगों ने फाइल खोलने की कोशिश की कि मोबाइल काले पड़ गये, स्क्रीन फ्रीज, हर बटन बेअसर, कई फोन आधे घंटे तक पूरी तरह ठप, देखते ही देखते पूरा गांव दहशत में आ गया।
“हमारे यहां तो कोई शादी ही नहीं…”
जब मैसेज पर नारायण यादव का नाम दिखा, तो लोग सीधे उन्हें ही फोन करने लगे, “भाई, किसकी शादी है?”नारायण यादव घबराये हुये बोले, “हमारे यहां किसी की शादी नहीं है, मेरा व्हाट्सएप हैक कर लिया गया है!” बस, यहीं से कहानी साफ हो गई, साइबर अपराधियों ने शादी कार्ड, भावनाओं और भरोसे का सबसे आसान बहाना चुनकर नया जाल बिछा दिया था। शादी कार्ड के इस ‘डिजिटल धोखे’ के बाद गांव में डर फैल गया। लोगों ने आपस में तेजी से चेतावनी फैलानी शुरू कर दी, “कोई भी अनजान एपीके फाइल मत खोलिये…”“शादी कार्ड के नाम पर ठगी हो रही है…”
“यह हैकिंग का नया तरीका है…” गांववालों ने एकजुट होकर लोगों को अलर्ट किया, ताकि कोई और इस साइबर जाल में न फंसे।






