UP : अयोध्या (Ayodhya News) के सहादतगंज स्थित मुरावन टोला में खुशियों का आंगन मातम के साये में बदल गया। बीते 7 मार्च को प्रदीप और शिवानी की डोली सजी थी, घर में शहनाइयां गूंज रही थीं, रिश्तेदारों के ठहाके थे और मां-बाप के चेहरे पर संतोष का उजाला। 8 मार्च को बारात सोहावल के ड्योढ़ी से लौटी थी। रविवार को घर में रिसेप्शन का होना था। पर सुबह होते ही सब कुछ बदल गया। जब कमरे का दरवाजा खटखटाया गया, तो भीतर से कोई आवाज नहीं आई। परिजनों की चिंता बढ़ी, दरवाजे पर और जोर दिया गया, लेकिन कोई उत्तर नहीं। घबराकर खिड़की तोड़ी गई और भीतर का मंजर देख हर आंख फटी की फटी रह गई। पंखे से झूल रहा था 24 साल के प्रदीप का शव, वहीं, बिस्तर पर 22 साल की शिवानी निस्तेज पड़ी थी। कमरे में पसरा सन्नाटा दिलों में तूफान ला गया। कुछ देर पहले तक जिनकी आंखों में नये जीवन के सपने थे, वही आंखें अब सदा के लिये बंद हो चुकी थीं।

प्रदीप और शिवानी के घरवालों के लिये यह किसी वज्रपात से कम न था। रिसेप्शन की तैयारियों के बीच घर में चीख-चीत्कार गूंज उठी। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर दोनों के बीच ऐसा क्या हुआ कि उनकी खुशहाल दुनिया चंद घंटों में उजड़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद भी घटनास्थल पर पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया। इस रहस्यमयी घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। हर कोई यह सवाल कर रहा है कि आखिर सात फेरे लेकर साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाले इस जोड़े की जिंदगी की लौ इतनी जल्दी क्यों बुझ गई? फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन प्रदीप और शिवानी के घर में उठती सिसकियां उस प्रेम, पीड़ा और पहेली को बयां कर रही हैं, जिसके जवाब में अब सिर्फ खामोशी है।
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