UP : मर्यादा पुरुषोत्तम राम की नगरी को जगमगाने वाला पर्व दीपोत्सव आज से भव्य रूप में आरंभ हो गया। राजधानी की गलियां, घाट और राम की पैड़ी इस वर्ष 28 लाख दीपों की रौशनी से आलोकित होगी। तकनीक और परंपरा का अद्भुत संगम सरयू तट पर लेजर शो, ड्रोन शो और प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिये रामकथा के अमर प्रसंगों को जीवंत करेगा।रूस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, नेपाल और श्रीलंका के 90 विदेशी कलाकार रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का मंचन करेंगे।पारंपरिक भजन, नृत्य और नाट्य के लिए 2000 से अधिक कलाकार जुटे हैं, जिनमें 500 अन्य राज्यों और 300 स्थानीय कलाकार शामिल हैं। 1 वृहद, 3 मध्यम और 7 छोटे मंच स्थापित किये गये हैं। मुख्य स्थल रामकथा पार्क, तुलसी उद्यान, बड़ी देवकाली और गुप्तार घाट हैं। तीन दिनों तक चलने वाला यह आलोक पर्व केवल श्रद्धा और भक्ति का उत्सव नहीं है, बल्कि यह विश्व को यह संदेश देता है कि अयोध्या केवल इतिहास की नगरी नहीं, बल्कि जीवंत अध्यात्म और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।
दीपों की प्रगति यात्रा
| वर्ष | दीपों की संख्या |
|---|---|
| 2017 | 1.71 लाख |
| 2018 | 3.01 लाख |
| 2019 | 4.04 लाख |
| 2020 | 6.06 लाख |
| 2021 | 9.41 लाख |
| 2022 | 15.76 लाख |
| 2023 | 22.23 लाख |
| 2024 | 25.12 लाख |
| 2025 | 28 लाख (विश्व कीर्तिमान लक्ष्य) |




