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प्राइवेट स्कूलों में फीस वृद्धि की मनमानी पर लगेगी ब्रेक, नया बिल पास

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Delhi : जहां एक ओर गर्मी ने राजधानी को तपाया, वहीं दिल्ली की CM रेखा गुप्ता की सरकार ने अभिभावकों के दिलों को ठंडी राहत दी है। दिल्ली सचिवालय की दीवारों के बीच वो फैसला हुआ, जिसका इंतजार हर उस मां-बाप को था, जिनके सपनों को अब तक निजी स्कूलों की फीस की तलवार काट रही थी। कैबिनेट की आठवीं बैठक में ‘दिल्ली स्कूल एजुकेशन (ट्रांसपिरेंसी इन फिक्सेशन एंड रेगुलेशन ऑफ फीस) अध्यादेश, 2025’ को मंजूरी मिली। अब निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगेगी। कुल 1677 प्राइवेट स्कूलों की फीस अब सरकार की नजर में होगी, न छिपाने की छूट, न लूट की छूट। CM ने साफ कहा, ये कानून हर उस घर की जीत है जहां बच्चों के दाखिले से पहले बजट का गणित बिगड़ता था। अब स्कूल अपनी फीस तय करने में पारदर्शिता बरतेंगे, और जिनसे जबरन वसूली की गई, उन्हें भी न्याय मिलेगा।शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा, “अब नहीं होगा आर्थिक शोषण।” भाजपा की सरकार, PM मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन पर चलते हुये दिल्ली के मध्यवर्गीय परिवारों के साथ खड़ी है। आशीष सूद ने कहा, “पिछली सरकार ने अभिभावकों की पीड़ा सुनी नहीं, हमने महसूस की है।” अध्यादेश को उपराज्यपाल के जरिये राष्ट्रपति के पास भेजा जायेगा। उनकी मंजूरी मिलते ही ये कानून बन जायेगा, तब शुरू होगी दिल्ली में शिक्षा की एक नई सुबह, जहां स्कूल ज्ञान देंगे, गम नहीं। करोल बाग की एक मां कहती है, “बेटी की फीस भरने के लिये मैंने अपनी चूड़ियां गिरवी रख दी थीं। अब लगता है, चूड़ियां भी लौटेंगी और मुस्कान भी।”

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