राजधानी में एंटी डस्ट अभियान शुरू: नियम तोड़ने पर लगेगा पांच लाख तक का जुर्माना, जान लें

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Kohramlive Desk : देश की राजधानी दिल्ली में गुरुवार से प्रदूषण के खिलाफ धूल विरोधी अभियान  का आगाज हो गया। यह 6 नवंबर तक चलाया जाएगा। इस अवधि में निर्माण साइटों पर निर्माण संबंधी 14 धूल विरोधी नियमों को लागू करना सख्‍त जरूरी है। नियमों का उल्लंघन होने पर नेशनल ग्रीन अथॉरिटी यानी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के दिशा-निर्देश के तहत 10 हजार से पांच लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए 586 टीमों का गठन किया गया है, जिसमें दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की 33 टीमें शामिल हैं।

संबंधित विभागों की 586 टीमें कर रहीं काम

इस संदर्भ में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि अभियान के तहत गठित 586 टीमों में 12 संबंधित विभागों की टीमें शामिल हैं। इनमें डीपीसीसी की 33, राजस्व विभाग की 165, एमसीडी की 300, डीएसआईआईडीसी की 20, दिल्ली जल बोर्ड की 14, दिल्ली विकास प्राधिकरण की 33, दिल्ली मेट्रो की 3, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की 6, लोक निर्माण विभाग की 6, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद की एक, दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड की 4 और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की एक टीम शामिल हैं।

 10 हजार से 5 लाख लाखतक जुर्माना

नियम का उल्लंघन होने पर एनजीटी के दिशा-निर्देश के मुताबिक, 10 हजार से पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। दोबारा उल्लंघन मिलने पर उससे अधिक रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। बार-बार नियमों का उल्लंघन होने पर निर्माण साइट को बंद कर दिया जाएगा। 500 वर्ग मीटर और उससे ऊपर के सभी निर्माण या विध्वंस वाली परियोजना सीएंडडी पोर्टल पर पंजीकृत होनी जरूरी है।

साइटों पर निर्माण संबंधी तय नियम

  1. सभी निर्माण साइटों पर निर्माण स्थल के चारों तरफ धूल रोकने के लिए ऊंची टीन की दीवार खड़ी करना जरूरी।
  2. नए नए नियम के आधार पर 5 हजार वर्गमीटर से लेकर उससे अधिक निर्माण साइट पर एंटी स्मॉग गन लगाना अनिवार्य। इसके तहत पांच हजार से 10 हजार वर्ग मीटर की निर्माण साइट पर एक एंटी स्मॉग गन, 10 हजार से 15 हजार वर्ग मीटर साइट पर दो, 15 हजार से 20 हजार वर्ग मीटर की निर्माण साइट पर तीन और 20 हजार वर्ग मीटर से ऊपर की निर्माण साइट पर कम से कम चार एंटी स्मॉग गन जरूरी।
  3. निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्य के लिए निर्माणाधीन क्षेत्र और भवन को तिरपाल या नेट से ढकना जरूरी।
  4. निर्माण स्थल पर निर्माण सामग्री को लाने और ले जाने वाले वाहनों की सफाई एवं पहिए साफ करना जरूरी।
  5. निर्माण सामग्री ले जा रहे वाहनों को पूरी तरह से ढकना जरूरी।
  6. निर्माण सामग्री और ध्वस्तीकरण का मलबा चिहि्नत जगह पर ही डालना जरूरी, सड़क के किनारे उसके भंडारण पर प्रतिबंध।
  7. किसी भी प्रकार की निर्माण सामग्री, अपशिष्ट, मिट्टी-बालू को बिना ढके नहीं रखना है।
  8. निर्माण कार्य में पत्थर की कटिंग का काम खुले में नहीं होनी चाहिए, साथ ही साथ वेट जेट का उपयोग पत्थर काटने में किया जाना चाहिए।
  9. निर्माण स्थल पर धूल से बचाव के लिए कच्ची सतह और मिट्टी वाले क्षेत्र में लगातार पानी का छिड़काव जरूरी।
  10. 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र के निर्माण और ध्वस्तीकरण साइट को जाने वाली सड़क पक्की और ब्लैक टोप्पड होनी चाहिए।

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