- लक्ष्मी विलास बैंक के खिलाफ आरबीआई ने बरती सख्ती
- खाताधारक 25 हजार से अधिक नहीं कर सकेंगे निकासी
- झारखंड में लक्ष्मी विलास बैंक के हैं 47,590 खाताधारक
कोहराम लाइव डेस्क : lakshmi-vilas-bank की वित्तीय स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। इस बीच केंद्र सरकार ने लक्ष्मी विलास बैंक पर एक महीने के लिए मोरेटोरियम लगा दिया है। इसके बाद bank के खाताधारक 16 दिसंबर तक अपने खातों से 25,000 रुपये से अधिक की निकासी नहीं कर पाएंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने यह जानकारी दी है।
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इस बैंक में पैसे जमा करने वाले लोगों से आरबीआई ने कहा, घबराएं नहीं, आपका पैसा सुरक्षित है। आरबीआई ने लक्ष्मी विलास बैंक में पैसे जमा करने वाले लोगों से किसी भी तरह का पैनिक क्रिएट करने से बचने को कहा है। आरबीआई ने कहा, सभी जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा की जाएगी। किसी का पैसा नहीं डूबेगा।
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अब lakshmi-vilas-bank के डिपोजिटर मोरेटोरियम लागू होने से आरबीआई की मंजूरी के बिना 25,000 रुपए से अधिक नहीं निकाल पाएंगे। झारखंड में लक्ष्मी विलास बैंक की चार शाखाएं हैं। इनमें रांची में दो और जमशेदपुर में एक शाखा है। कुल 47,590 खाताधारक हैं, जिनमें से करीब 22 हजार खाताधारक रांची की दो शाखाओं में हैं। कुछ खास कामों जैसे कि इलाज, उच्च शिक्षा के लिए फीस जमा करने और शादी आदि के लिए जमाकर्ता रिजर्व बैंक की अनुमति से 25 हजार रुपए से अधिक की निकासी कर सकेंगे।
NPA बढ़ने का आशंका
आरबीआई की मानें तो यह कदम बेहद जरूरी हो गया था, क्योंकि बैंक के फंसे हुए कर्ज में लगातार इजाफा हो रहा था और नया एनपीए बनने का खतरा मंडरा रहा था। हालांकि आरबीआई ने लक्ष्मी विलास बैंक के ग्राहकों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि उनके हितों की पूरी रक्षा की जाएगी और उन्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
बता दें कि करीब 94 साल पुराने लक्ष्मी विलास बैंक (एलवीबी) के मैनेजमेंट में उथल-पुथल का दौर काफी समय से चल रहा था। बैंक पिछले कुछ साल से पूंजी जुटाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन सफल नहीं हुआ। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस कंपनी में विलय के प्रस्ताव को आरबीआई ने 2019 में खारिज कर दिया था।
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