New Delhi : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को ऐतिहासिक ऐलान करते हुये कहा कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर क्षेत्र को पूरी तरह नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सिर्फ दो दिन में 258 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। शाह ने इसे मोदी सरकार की सुरक्षा रणनीति की बड़ी सफलता बताया और कहा कि “नक्सलवाद अब अपने अंत की ओर बढ़ रहा है।” गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा की कि छत्तीसगढ़ में 170 और 27 नक्सली, महाराष्ट्र में 61 नक्सलियों ने हथियार डाल दिये। उन्होंने सभी आत्मसमर्पण करने वालों का स्वागत करते हुये इसे “साहसिक और सराहनीय कदम” बताया।
आंकड़े (जनवरी 2024 से अब तक)
2100 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। 1785 की गिरफ्तारी हुई है। 477 नक्सली न्यूट्रलाइज किये गये हैं। सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करना है। शाह ने अन्य नक्सलियों से भी अपील की कि वे हथियार छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हों। इसी दौरान शाह ने प्रत्यर्पण मामलों पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, हर राज्य में अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी जेलें बनाई जागी। इंटरपोल नोटिस वाले अपराधियों के पासपोर्ट रद्द किये जायेंगे। भगोड़ों के मन में भारतीय कानून का डर होना जरूरी है। फिलहाल भारत के 338 प्रत्यर्पण अनुरोध विदेशों में लंबित हैं, जो आर्थिक अपराध, आतंकवाद और ड्रग तस्करी जैसे गंभीर मामलों से जुड़े हैं।












