Giridih : 10 लाख रुपये की फिरौती वसूलने के इरादे से मिथलेश मंडल का किडनैप कर लिया गया। उसी शाम मिथलेश की पत्नी अंजली देवी के मोबाइल पर किसी ने फोन किया। फोन करने वाले ने अंजली को बताया कि उसके पति मिथलेश का अपहरण कर लिया गया है। उसकी सलामती चाहती हो तो तुरंत 10 लाख रुपये लेकर डूमरी पहुंचो, वर्ना अंजाम बहुत बुरा होगा। 18 दिसम्बर की शाम 5 बजे आये इस फोन के बाद मिथलेश का पूरा परिवार डर गया। कुछ देर बाद यानी 7.30 बजे मिथलेश की मां राधिका देवी भागी-भागी थाना पहुंची और पुलिस को सबकुछ बताया। बीच रोड से मिथलेश का अपहरण कर लिये जाने की वारदात की खबर पाकर पुलिस रेस हो गई। गिरिडीह पुलिस कप्तान दीपक कुमार शर्मा ने पुलिस की अलग-अलग कई टीम बनाई। हर टीम को अलग-अलग टास्क सौंपा गया। टीम ने अपना तौर, तरीका और अंदाज अपनाया, नतीजा अपहर्त्ताओं ने मिथलेश को मुक्त कर दिया। मिथलेश को बगोदर थाना क्षेत्र के औरा के पास छोड़कर फरार हो गये। पुलिस ने अपहरण में इस्तेमाल बोलेरो गाड़ी भी जब्त कर ली है। मिथलेश बीते 18 दिसम्बर की सुबह अपनी पल्सर बाइक से घर से निकला, तभी रास्ते से ही उसका अपहरण कर लिया गया।
दिन के उजाले में राह चलते युवक मिथलेश मंडल का अपहरण कर लिये जाने की खबर ने पुलिस की नींद उड़ा दी। वहीं बतौर फिरौती 10 लाख रुपये की डिमांड से मिथलेश का पूरा परिवार डरा-सहमा था। कहीं कोई अनहोनी न हो जाये, इस आशंका से घिरा पूरा परिवार ने मिथलेश की सही-सलामत रिहाई के लिये अपनी पूरी ताकत झोंक दी। गिरिडीह पुलिस कप्तान दीपक कुमार शर्मा ने इस अपहरण कांड को गंभीरता से लिया। उन्होंने पुलिस की कई टीम बनाई और सबको अलग-अलग टास्क दिया। साइबर DSP को किडनैपरों से बातचीत में लगा दिया गया। DSP घरवाले बन कर अपहर्त्ताओं से बतियाते रहे। करीब 2 घंटे तक उसे फिरौती का पैसा देने और कहां पहुंचाने का लालच देकर उन्हें उलझाये रखा। इधर, दूसरी टीम ने लोकेशन हासिल कर उस जगह को घेर लिया, जहां अपहृत मिथलेश को छुपा कर रखा गया था। अपहर्त्ताओं को बाबू-भैया कर उन्हें बातों में उलझाये रखा गया, वहीं एक टीम ने अपहर्त्ताओं तक यह बातें पहुंचा दी कि उन सभी की पहचान हो गई है, अगर अपहृत मिथलेश को खरोंच भी आई थी, उनके घरवाले भी नहीं बच पायेंगे। पुलिस उनके करीब पहुंच चुकी है। अपहरण के बदले अपहरण का डर दिखा पुलिस ने बेहतरीन कामयाबी हासिल कर ली। पुलिस के डर से किडनैपरों ने अपहृत मिथलेश को मुक्त कर दिया। मिथलेश को सरिया-बगोदर अनुमंडल क्षेत्र के तहत चिचाकी के एक सुनसान स्थान पर रखा था। मिथलेश अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के जोरासिमर गांव का रहनेवाला है। पुलिस का दावा है कि किडनैपरों की पहचान कर ली गई है, उन्हें बहुत जल्द अरेस्ट कर लिया जायेगा।
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