Chatra : झारखंड के चतरा के करमटांड़ जंगल में हुये दर्दनाक एयर एंबुलेंस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। इस हादसे में संजय साव, उनकी पत्नी अर्चना देवी और भांजे ध्रुव कुमार की मौत हो गई। बताया जाता है कि एयर एंबुलेंस ने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से सोमवार शाम करीब 7 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद क्रैश की खबर ने परिवार और इलाके को तोड़कर रख दिया।
होटल हादसे के बाद जिंदगी से जंग
संजय साव पलामू के बकोरिया में होटल संचालक थे। आठ दिन पहले होटल में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में वे गंभीर रूप से झुलस गये थे। उनका इलाज देवकमल अस्पताल में चल रहा था। डॉक्टरों की सलाह पर बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने का फैसला हुआ। परिजनों ने करीब 8 लाख रुपये में एयर एंबुलेंस बुक की थी। किसे पता था कि यह सफर आखिरी साबित होगा।
2004 में पिता की नक्सलियों ने की थी हत्या
संजय साव मूल रूप से लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र के रखात गांव के रहनेवाले थे। साल 2004 में नक्सलियों ने उनके पिता की हत्या कर दी थी। पिता के जाने के बाद बिखरे परिवार को संजय ने संभाला, कारोबार खड़ा किया और परिवार की जिम्मेदारी उठाई। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। इस हादसे ने दो नाबालिग बच्चों को अनाथ कर दिया। एक साथ मां और पिता दोनों का साया उठ गया। घर में कोहराम मचा है। दादा बालेश्वर साहू और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां का हाल बेसुध है।
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